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महाकाल मंदिर में कैसे हुई पुरोहित-कर्मचारियों की नियुक्ति? हाईकोर्ट ने जिम्मेदारों से मांगा जवाब 

MP News: उज्जैन के महाकाल मंदिर में पुरोहित, कर्मचारियों की नियुक्ति के संबंध में हाईकोर्ट ने जिम्मेदारों से जवाब मांगा है. 

महाकाल मंदिर में कैसे हुई पुरोहित-कर्मचारियों की नियुक्ति? हाईकोर्ट ने जिम्मेदारों से मांगा जवाब 

Madhya Pradesh News: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर एक बार फिर सुर्खियों में आ गया. वजह मंदिर के 22 पुरोहित और 306 कर्मचारी की नियुक्ति की जानकारी के संबंध में हाईकोर्ट में लगी याचिका है. मामले में आरटीआई में मांगी जानकारी नहीं देने पर अब कोर्ट ने महाकाल  प्रशासक से लेकर राज्य सूचना आयुक्त से जवाब-तलब किया है.

ये है मामला

दरअसल फ्रीगंज निवासी याचिकाकर्ता सारिका गुरु ने जनवरी 2022 को महाकाल मंदिर समिति आरटीआई के तहत आवेदन दिया था. इसमें जानकारी मांगी थी कि मंदिर परिसर स्थित 40 मंदिरो में पुरोहित और मंदिर में 300 से अधिक कर्मचारियों की  नियुक्ति किस आधार पर की गई?  इसके लिए क्या के मापदंड तय किए गए?  किस समाचार पत्र में इसकी विज्ञप्ति निकाली गई?

मामले में मंदिर समिति ने गोपनीय दस्तावेज का हवाला देते हुए इसके दस्तावजे देने से इंकार कर दिया था. इस पर सारिका गुरु ने 7 फरवरी को  राज्य सूचना आयोग में अपील की.

उन्होने भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए. नतीजतन सारिका ने नवम्बर माह में महाकाल मंदिर कर्मचारियों और पुरोहित की नियुक्ति संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करने को लेकर हाईकोर्ट इंदौर में याचिका लगाई थी. 

8 हफ्ते में जवाब देना होगा जवाब

सारिका गुरु ने बताया कि मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सूचना आयुक्त, प्रथम अपीलीय प्राधिकारी और प्रशासन महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ और लोक सूचना अधिकारी एवं सहायक प्रशासक प्रतिक द्विवेदी को एक हफ्ते में नोटिस जारी करने का कहा है ओर सभी से 8 हफ्ते में जवाब मांगा है.

इस संबंध में महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ ने कहा कि अब तक नोटिस नहीं मिला है. हाईकोर्ट का मामला है इसलिए लीगल टीम देखेगी.

व्यवस्था सुधारने की लड़ाई

सारिका गुरु ने कहा कि महाकाल मंदिर में वर्षो से काम कर रहे 300 से अधिक कर्मचारी और पुरोहित की नियुक्ति अवैध है. अगर प्रशासक ने विधिवत नियुक्ति की है तो  कर्मचारियों की योग्यता देखी होगी, क्या प्रोटोकॉल अपनाए गए, अगर आप मानदेय दे रहे क्या दे रहे है. इन सब की जानकारी मांगी है. उसके दस्तावेज हमको दें.

महाकाल मंदिर परिसर के सभी मंदिर शासकीय है. सिर्फ गर्भगृह के अंदर ही एक्ट लागू होता है. बाकी मंदिर में नहीं. हाईकोर्ट ने  मंदिर प्रशासक और सहायक प्रशासक को नोटिस भेजा है, में व्यवस्था सुधरना चाहती हूं.

ये जानकारी मांगी थी 

महाकाल मंदिर अधिनियम 1982 के अंतर्गत महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में वर्तमान में कार्यरत  कर्मचारी और  नियुक्त पुरोहित  के नियुक्ति आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपी सहित समस्त पुरोहितों व कर्मचारियों की नियुक्ति के पूर्व जारी की गई विज्ञप्ति व समस्त पुरोहितों व कर्मचारियों के योग्यता प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रतिलिपि. महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित सभी मंदिरों की सूची और इन मंदिरों में वर्तमान में वैधानिक रूप से कार्यरत व नियुक्त पुजारियों के नियुक्ति के पूर्व जारी की विज्ञप्ति एवं सभी के योग्यता प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रतिलिपि, महाकाल मंदिर परिसर में स्थित 19 मंदिरों में एक ही पुरोहित की नियुक्ति, मंदिर में नियुक्त किए गए पुजारी नियुक्ति आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि सहित अन्य जानकारी मांगी गई थी. 

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19 मंदिरो का एक पुजारी पर सवाल 

एक शिकायतकर्ता जयराज चौबे ने कलेक्टर नीरज सिंह को शिकायत की है कि महाकाल मंदिर परिसर में स्थित 19 मंदिरों में एक ही का पुजारी नियुक्ति किया है.  यह अवैध है. कैसे एक ही पुजारी 19 मंदिरों का काम देख सकता है? उन्होंने कहा कि मंदिर में बिना वेरिफिकेशन दस्तावेज की जांच और बिना विज्ञप्ति जारी हुए अपनों को समिति ने नियुक्ति दे दी, जो कि अवैध है.

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