
Fertilizer Crisis : किसानों के लिए राहत की खबर है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जल्द एमपी के हरपालपुर स्टेशन पर डीएपी और यूरिया के रैक पहुंचने वाले हैं. छत्तरपुर में ही नहीं पूरे मध्य प्रदेश में रबी फसल बुवाई के लिए जिले में डीएपी खाद की लगातार कमी बनी हुई है, जिसके चलते जिले भर के किसान खाद के लिए कभी सेवा सहकारी समितियों, एमपी एग्रो कार्यालय के तो कभी विपणन संघ गोदाम के चक्कर लगा रहा है. अब तक जिले को मात्र 13 हजार 717 टन डीएपी उपलब्ध हुआ है.
बता दें, रबी सीजन में जिले में मौजूद 4.86 लाख हेक्टेयर जमीन में गेहूं, चना, मटर और सरसों के साथ जौ फसल की बुवाई की जा रही है, जिसके लिए जिले के किसानों को 25 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की जरूरत है. वहीं, दूसरी ओर अब तक जिले को मात्र 13 हजार 717 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध हुआ है. इसलिए अभी भी जिले में रबी फसल बोनी के लिए 111 हजार 283 टन डीएपी खाद की जरूरत है.
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एक एक बोरी खाद के लिए तरस रहे किसान
बीते नवंबर माह की 26 तारीख को छतरपुर जिले को डीएपी की एक रैक मिली, जिसमें से 1974 टन डीएपी जिले को मिला. जिसे जिला प्रशासन ने जिलेभर की 60 सेवा सहकारी समितियों और प्राइवेट व्यापारियों को वितरित कर दिया गया. तब से जिले के किसान एक-एक बोरी डीएपी के लिए यहां से वहां भटक रहे हैं, जिसका फायदा उठाते हुए माफिया नकली डीएपी का ऊंचे दामों में बिक्री कर रहे हैं. जिले में डीएपी और यूरिया की लगातार तीन रैक आ रही हैं. जिसके बारे में जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों को जानकारी है.
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