MP Board Result 2026: मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिए गए. 15 अप्रैल का दिन प्रदेश के लाखों छात्र‑छात्राओं और उनके परिजनों के लिए बेहद खास रहा, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने औपचारिक रूप से परिणाम जारी किए. इस वर्ष का रिजल्ट कई मायनों में ऐतिहासिक रहा. एक तरफ जहां कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम पिछले 16 वर्षों में सबसे बेहतर दर्ज हुआ, वहीं दूसरी ओर छात्राओं ने एक बार फिर हर पैमाने पर छात्रों को पीछे छोड़ते हुए अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता साबित की. पास प्रतिशत, मेरिट सूची और टॉपर्स, हर जगह बेटियों का दबदबा नजर आया. साथ ही सरकारी स्कूलों के बेहतर परिणाम ने शिक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलावों को भी रेखांकित किया. यह परिणाम न केवल शैक्षणिक सफलता की कहानी है, बल्कि नारी सशक्तिकरण और शिक्षा नीति‑2020 के जमीनी प्रभाव का भी प्रमाण है.
बोर्ड परीक्षा परिणामों में बेटियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सफलता का परचम लहराया है, सभी प्रतिभाशाली बेटियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं : CM@DrMohanYadav51 @schooledump #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/OZQyiQeAcB
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 15, 2026
यह स्वर्णिम मध्यप्रदेश की नई गाथा : मुख्यमंत्री
परिणाम जारी करने के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि माता‑पिता और बच्चे पूरी लगन से परीक्षा की तैयारी करते हैं. आज की शिक्षा व्यवस्था में परीक्षा परिणाम के तुरंत बाद दूसरा अवसर मिलना बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति‑2020 के कारण अब किसी छात्र का पूरा साल खराब नहीं होता. उन्होंने कहा कि यह परिणाम स्वर्णिम मध्यप्रदेश की नई गाथा पेश कर रहा है, जहां प्रतिभा, परिश्रम और अवसर सभी को बराबरी से मिल रहे हैं.
हाईस्कूल‑हायर सेकेंडरी में छात्राओं ने फिर मारी बाजी
एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि कक्षा 10वीं और 12वीं—दोनों ही स्तरों पर छात्राओं ने छात्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया. हाईस्कूल परीक्षा में जहां छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 77.52 रहा, वहीं छात्रों का पास प्रतिशत 69.31 दर्ज हुआ. इसी तरह हायर सेकेंडरी परीक्षा में छात्राओं का पास प्रतिशत 79.41 रहा, जो छात्रों के 72.39 प्रतिशत से कहीं अधिक है. करीब 7 से 8 प्रतिशत की यह बढ़त केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि बदलती सामाजिक सोच और बालिका शिक्षा की मजबूती का संकेत है.
10वीं बोर्ड परीक्षा में छात्रा प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई : CM@DrMohanYadav51 @schooledump #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/wCUUssYjMk
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 15, 2026
प्रतिभा सिंह सोलंकी ने हाईस्कूल में रचा इतिहास
हाईस्कूल परीक्षा में पन्ना जिले के गुनौर स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर की छात्रा प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक हासिल कर प्रदेश में टॉप किया. उनकी यह उपलब्धि बेटियों की निरंतर बढ़ती शैक्षणिक भागीदारी का प्रतीक बन गई. प्रतिभा की सफलता ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण और अर्ध‑शहरी इलाकों की छात्राएं भी अब किसी से पीछे नहीं हैं.
हायर सेकेंडरी में खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा का कमाल
हायर सेकेंडरी परीक्षा के वाणिज्य समूह में खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने 500 में से 494 अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया. दोनों छात्राओं की सफलता ने वाणिज्य जैसे प्रतिस्पर्धी विषय में भी बेटियों की मजबूती को रेखांकित किया. खास बात यह रही कि इस साल हायर सेकेंडरी की मेरिट सूची में भी छात्राओं की संख्या छात्रों से कहीं अधिक रही.
जनजातीय जिलों ने किया शानदार प्रदर्शन
इस वर्ष के परिणामों में जनजातीय बहुल जिलों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा. मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इन जिलों के विद्यार्थियों और परीक्षा आयोजकों की सराहना की. सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन इलाकों के छात्रों ने उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए, जिससे यह साफ हुआ कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती.
सरकारी स्कूलों ने प्राइवेट स्कूलों को छोड़ा पीछे
एमपी बोर्ड परीक्षा परिणाम 2026 में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन खासा उत्साहजनक रहा. हाईस्कूल परीक्षा में जहां सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 76.80 रहा, वहीं निजी स्कूलों का परिणाम 68.64 प्रतिशत दर्ज हुआ. हायर सेकेंडरी में भी सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 80.43 प्रतिशत रहा, जो अशासकीय स्कूलों के 69.67 प्रतिशत से काफी बेहतर है. यह परिणाम शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय विद्यालयों में गुणवत्ता सुधार, शिक्षकों की नियुक्ति और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का फल माना जा रहा है.
आज घोषित हुए परीक्षा परिणामों में शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का परिणाम सराहनीय रहा है : CM@DrMohanYadav51 @schooledump #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/YIu8pAjfvB
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 15, 2026
हाईस्कूल परीक्षा: आंकड़ों में सफलता की कहानी
इस वर्ष हाईस्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च के बीच आयोजित की गई थी. परीक्षा में कुल 8 लाख 97 हजार 061 परीक्षार्थी शामिल हुए. नियमित परीक्षार्थियों की संख्या 7 लाख 87 हजार 733 और स्वाध्यायी परीक्षार्थियों की संख्या 1 लाख 09 हजार 328 रही. परीक्षा में कुल 73.42 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए. नियमित छात्रों का पास प्रतिशत 69.31 और नियमित छात्राओं का 77.52 रहा. प्रावीण्य सूची में कुल 378 छात्रों में से 235 छात्राएं रहीं, जो साफ तौर पर बेटियों की बढ़त दर्शाता है. जिला स्तर पर अनूपपुर 93.85 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि अलीराजपुर 92.14 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा.
हायर सेकेंडरी परीक्षा: 16 साल का सर्वश्रेष्ठ परिणाम
हायर सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच संपन्न हुई. परीक्षा में कुल 6 लाख 89 हजार 746 परीक्षार्थी शामिल हुए. नियमित परीक्षार्थियों की संख्या 6 लाख 13 हजार 634 और स्वाध्यायी परीक्षार्थियों की संख्या 76 हजार 112 रही. इस परीक्षा का कुल परिणाम 76.01 प्रतिशत रहा, जो पिछले 16 वर्षों में सबसे बेहतर है. नियमित छात्रों का पास प्रतिशत 72.39 और छात्राओं का 79.41 दर्ज किया गया. प्रावीण्य सूची में कुल 221 विद्यार्थियों में से 158 छात्राएं रहीं. जिलावार प्रदर्शन में झाबुआ 93.23 प्रतिशत के साथ पहले और अनूपपुर 93.04 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा.
बोर्ड परीक्षाओं में असफल रहे विद्यार्थी निराश न हों, उन्हें मई माह में फिर से परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। जिससे वे दोबारा प्रयास कर अपनी सफलता की नई उड़ान भर सकें : CM@DrMohanYadav51 @schooledump #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/RR7BdZkada
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 15, 2026
द्वितीय अवसर परीक्षा से मिलेगा राहत का मौका
राष्ट्रीय शिक्षा नीति‑2020 के अनुरूप इस वर्ष पूरक परीक्षा के स्थान पर द्वितीय अवसर परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. जो छात्र मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहे, अनुपस्थित थे या अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं, वे 7 मई 2026 से शुरू होने वाली इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. यह व्यवस्था छात्रों का साल बर्बाद होने से बचाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.
नारी सशक्तिकरण की मजबूत तस्वीर
एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण की जीवंत तस्वीर है. छात्राओं का आगे आना, सरकारी स्कूलों का मजबूत प्रदर्शन और ग्रामीण‑जनजातीय इलाकों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश धीरे‑धीरे नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है.
यह भी पढ़ें : MP Board 10th 12th Result 2026: बेटियों ने फिर दिखाया दम, हर स्तर पर लड़कों को पछाड़ा
यह भी पढ़ें : MP Board 12th Toppers List: खुशी और चांदनी ने मारी बाजी; यहां देखिए 12वीं की टॉपर्स लिस्ट
यह भी पढ़ें : MP Board 10th Toppers List: 499 अंक; 10वीं की परीक्षा परिणाम में पन्ना की प्रतिभा का कमाल, देखिए टॉपर्स लिस्ट
यह भी पढ़ें : MP Board 10, 12th Toppers List: 16 साल का सबसे बेहतर रिजल्ट; 10वीं‑12वीं का रिजल्ट जारी, झाबुआ ने मारी बाजी