मध्य प्रदेश के गुना जिले के शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित स्कूल प्रवेशोत्सव कार्यक्रम उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने मंच से शिक्षा विभाग पर खुलकर निशाना साधा.
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्राचार्य ने स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण की मांग रखी. इस पर विधायक ने आश्वासन देते हुए कहा कि वे जल्द ही मांग पूरी करेंगे और प्राचार्य से लिखित पत्र देने को कहा.
“विभाग को छोड़ो…” बयान से मचा हड़कंप
जब प्राचार्य ने बताया कि मांग पहले ही विभाग को भेजी जा चुकी है, तो विधायक ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा- “विभाग-विभाग को छोड़ो, विभाग की कार्यप्रणाली मुझे अच्छी तरह पता है… विभाग में एक और एक ग्यारह हैं.” इस बयान को इशारों में भ्रष्टाचार के आरोप के तौर पर देखा जा रहा है. उनके इस कथन से कार्यक्रम में मौजूद लोग भी हैरान रह गए.
इशारों में ‘चोरी' और व्यवस्था पर सवाल
विधायक पन्नालाल शाक्य यहीं नहीं रुके. उन्होंने एक कहावत के जरिए विभाग पर और भी तीखा तंज कसा-“दूल्हा घोड़ी कैसे चढ़े, जब उसकी नजर चोरी पर हो.” इस बयान के जरिए उन्होंने यह संकेत दिया कि व्यवस्था की प्राथमिकता सही काम नहीं, बल्कि गड़बड़ियों पर केंद्रित है. अपने संबोधन के दौरान विधायक ने अपनी निजी जिंदगी का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी कलेक्टर बनना चाहते थे, लेकिन गरीबी के कारण उनका सपना अधूरा रह गया. उन्होंने बताया कि उनके पिता मजदूर थे, जिसकी वजह से वे उस मुकाम तक नहीं पहुंच सके और बाद में उन्होंने राजनीति का रास्ता चुना.
स्कूल विकास का भी दिया भरोसा
कार्यक्रम में कन्या स्कूल की प्राचार्य ने परिसर के विकास के लिए आर्थिक सहायता मांगी, जिस पर विधायक ने अपने स्तर पर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. हालांकि, विधायक के विवादित और तीखे बयानों ने पूरे कार्यक्रम का फोकस बदल दिया है. शिक्षा विभाग पर लगाए गए आरोपों के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया और सियासी हलचल तेज होने की संभावना जताई जा रही है.
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