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Harda News: किसानों ने सूखी नहर में किया हनुमान चालीसा का पाठ, यज्ञ में सूखी मूंग की आहुति दी, जानें क्यों   

Harda Farmers Protest Machak Canal: हरदा में माचक नहर के टेल क्षेत्र में पानी न मिलने से नाराज किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. मूंग की फसल सूखने पर किसानों ने सूखी नहर में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और मूंग की आहुति देकर सद्बुद्धि यज्ञ किया.

Harda News: किसानों ने सूखी नहर में किया हनुमान चालीसा का पाठ, यज्ञ में सूखी मूंग की आहुति दी, जानें क्यों   
Harda Farmers Protest Machak Canal.

Harda Farmers Protest Machak Canal: हरदा जिले के माचक नहर टेल क्षेत्र में सिंचाई के पानी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. सारसूद, बावड़ियां, पड़वा, तारापुर, पहेट और छीपाबड़ गांव के किसान पिछले चार दिनों से धरने पर बैठे हैं. किसानों का आरोप है कि ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल के लिए नहर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे फसल पूरी तरह सूखने की कगार पर पहुंच गई है. नाराज किसानों ने रविवार 16 मई को सूखी नहर के भीतर बैठकर प्रशासन और सिंचाई विभाग की “सद्बुद्धि” के लिए यज्ञ किया और सूखी मूंग की आहुति देकर हनुमान चालीसा का पाठ किया.  

दरअसल, माचक नहर के टेल क्षेत्र में पानी नहीं पहुंचने से इलाके के किसान बेहद परेशान हैं. किसानों का कहना है कि 36 घंटे की औसराबंदी (बारी तय होने) के बाद भी नहर में पानी नहीं आया. करीब 10 दिनों से खेत सूखे पड़े हैं और मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है. इसी के विरोध में किसान लगातार चौथे दिन धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं.

पंडित ने विधि-विधान से कराया यज्ञ 

धरना स्थल पर किसानों ने सूखी नहर के अंदर बैठकर यज्ञ किया. पंडित राघवेंद्र जोशी द्वारा विधि-विधान से यह पूजा संपन्न करवाई गई. इस दौरान किसानों ने यज्ञ कुंड में अपनी सूखी हुई मूंग की फसल की आहुति देकर प्रशासन व नहर विभाग के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई. किसानों का आरोप है कि रात के समय हेड क्षेत्र में धड़ल्ले से पानी चोरी होता है, जिसके चलते टेल क्षेत्र के आखिरी छोर पर बैठे किसानों को पानी नहीं मिल पाता.

मूंग की फसल सूख रही 

किसान शंकर सोलंकी ने कहा- “पिछले चार दिनों से हमारा धरना जारी है, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक पानी नहीं छोड़ा गया है. हमारी मूंग की फसल खेतों में ही सूख रही है. अगर जल्द ही पानी नहीं मिला तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. हमने मजबूर होकर प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया है.”

पानी पहुंचाने का प्रयास 

माचक नहर SDO रोहन विलियम ने कहा- “हमारी पहली प्राथमिकता मुख्य कमान (ऐलान) क्षेत्र में पानी पहुंचाना है. जहां के किसान इस समय पानी की मांग कर रहे हैं, वह आंशिक ऐलान क्षेत्र के अंतर्गत आता है. पानी की उपलब्धता होने पर वहां पहले भी पानी की सप्लाई की गई थी. एक दो दिन में पानी पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है.”
 

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