Manohar Lal Sen Success Story: कहते हैं उम्र सिर्फ एक संख्या होती है, अगर हौसले बुलंद हों और शरीर स्वस्थ हो... इस कहावत को सागर के मकरोनिया निवासी 68 वर्षीय मनोहर लाल सेन (Manohar Lal Sen) ने सच कर दिखाया है. 68 वर्ष की उम्र में भी उनकी फुर्ती और ताकत किसी 27 वर्षीय युवा से कम नहीं है. हाल ही में उज्जैन में आयोजित पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में मनोहरलाल सेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है.
सैलून में करते हैं काम
मनोहर लाल सेन चार बच्चों के पिता हैं और वो सैलून में हेयर कटिंग का काम करते हैं. मनोहर लाल सेन बताते हैं कि व्यायाम उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है. बचपन से ही वे सागर शहर क्षेत्र में बने अखाड़े में नियमित कसरत किया करते थे. बाद में मकरोनिया क्षेत्र में रहने लगे, जहां अखाड़ा न होने के कारण उन्होंने घर पर ही व्यायाम जारी रखा.

उम्र को देख मजाक उड़ाते थे युवक
एक दिन जब वो जिम पहुंचे तो देखा कि कई नवयुवक कसरत तो करते हैं, लेकिन नियमितता की कमी है. इसके बाद उन्होंने युवाओं को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया. शुरुआती दिनों में जिम में मौजूद कुछ युवक उनकी उम्र को देखकर मजाक उड़ाते थे, लेकिन जब मनोहरलाल ने अपनी ताकत और तकनीक से उन्हीं युवाओं को पटखनी दी तो सब हैरान रह गए और मजाक बंद हो गया.
63 वर्ष की उम्र में पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में लिया भाग
इसी दौरान एक पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें सागर से कोई प्रतिभागी नहीं था. तब मनोहरलाल सेन ने ठान लिया कि वो खुद इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे और जीतकर दिखाएंगे. 63 वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली बार पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में भाग लिया और विजेता बनकर लौटे. इसके बाद वे लगातार विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहे और कई मेडल अपने नाम किए.
68 वर्ष की उम्र में पूरी तरह फिट हैं मनोहरलाल
मनोहरलाल सेन का कहना है कि जीवन में व्यायाम बेहद जरूरी है और इसे रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करना चाहिए. वो आज भी खुद को कम उम्र का महसूस करते हैं. उनके उम्र के कई साथी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जबकि 68 वर्ष की उम्र में भी मनोहरलाल सेन पूरी तरह स्वस्थ और फिट हैं. न उन्हें कोई गंभीर बीमारी है और न ही शारीरिक कमजोरी.
मनोहर लाल सेन आज युवाओं और बुजुर्गों दोनों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. उनका जीवन संदेश देता है कि नियमित व्यायाम ही सच्चा यौवन है और स्वस्थ शरीर के बिना बाहरी सुंदरता का कोई महत्व नहीं.