IAS Virendra Bahadur Panchbhai Success Story: छत्तीसगढ़ के सात राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को आईएएस अवार्ड किया गया है. भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय में हुई डीपीसी में एक नाम बीरेंद्र पंचभाई का शामिल है. बीरेन्द्र पंचभाई नायब तहसीलदार कैडर से आईएएस बनने वाले पहले अधिकारी बन गए है. ऐसे में जानते हैं कौन वीरेंद्र बहादुर पंचभाई... साथ ही जानेंगे उनकी सफलता की कहानी.
छत्तीसगढ़ में नायब तहसीलदार से IAS बनने वाले पहले अधिकारी
वीरेंद्र बहादुर पंचभाई मध्यप्रदेश के समय पीएससी से नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुए थे. विभागीय पदोन्नति में पंचभाई राज्य प्रशासनिक सेवा में आए और इसके बाद अब उन्हें आईएएस कैडर अवार्ड किया गया है. राज्य बनने के बाद पहली बार कोई नायब तहसीलदार रैंक का अधिकारी आईएएस तक पहुंचा हो. अविभाजित मध्य प्रदेश में भी अभी तक सिर्फ एक नायब तहसीलदार पद पर नियुक्त अधिकारी को आईएएस अवार्ड हुआ था. गौरतलब है की पहले कोई अभ्यर्थी छोटी उम्र में नायब तहसीलदार बना हो प्रमोशन पाकर ज़्यादा से ज़्यादा अपर कलेक्टर तक पहुंच कर रिटायर हुए है. अधिकांश डिप्टी कलेक्टर तक पहुंच कर सेवानिवृत्त हो जाते हैं.
पंच भाई कौन है?
वीरेंद्र बहादुर पंचभाई छततीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले हैं. उनका जीवन संघर्ष और मेहनत की मिसाल है. मध्य प्रदेश के समय 1993 में नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुए थे. वे कई साल तक अभनपुर में नायब तहसीदार और तहसीलदार रहे. इसके बाद 2010 वे राज्य प्रशासनिक सेवा में प्रमोट हुए. अभी वो नारायणपुर में अपर कलेक्टर हैं.
वीरेंद्र बहादुर पंचभाई की सफलता की कहानी
उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा विचारपुर नवागांव और नादगांव से हासिल की. वहीं उच्च शिक्षा राजनांदगांव से प्राप्त की है. वीरेंद्र बहादुर की पहली सरकारी नौकरी सहायक प्राध्यापक के पद पर हुई. इसके बाद 1993 में (अविभाजित मध्यप्रदेश काल) आरक्षित कोटे से नायब तहसीलदार पर पर चयन हुआ. वो अभनपुर में कई वर्षों तक नायब तहसीलदार और तहसीलदार के पद पर रहें. इसके बाद 2010 वे राज्य प्रशासनिक सेवा में प्रमोट हुए.
मेहनत, ईमानदारी से भरा रहा वीरेंद्र बहादुर पंचभाई का जीवन
बता दें कि वीरेंद्र बहादुर पंचभाई रायपुर में लंबे समय तक अपर कलेक्टर रहे. इसके बाद फरवरी 2024 से नारायणपुर में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं. उनका पूरा प्रशासनिक सफर मेहनत, ईमानदारी और जनसेवा की भावना से भरा रहा है.
नक्सल प्रभावित इलाकों में संभाली कमान
नारायणपुर जैसे नक्सल प्रभावित और दुर्गम जिले में पदस्थ रहते हुए पंचभाई ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अबूझमाड़ जैसे संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर उन्होंने सरकारी योजनाओं की निगरानी, जनसुनवाई और विकास कार्यों को गति दी. स्थानीय लोगों से संवाद और प्रशासनिक सुधार के कारण जिले में प्रशासन पर भरोसा बढ़ा है.
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