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This Article is From Apr 11, 2026

एमपी और आसपास के इलाकों में पैर जमा रहा था गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का खास गुर्गा, SIT ने गांव में घेरकर दबोचा

मध्य प्रदेश पुलिस की SIT टीम ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खास गुर्गे प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार किया है. वह हैरी बॉक्सर के लिए काम कर रहा था और मध्य प्रदेश में दहशत फैला रहा था.

एमपी और आसपास के इलाकों में पैर जमा रहा था गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का खास गुर्गा, SIT ने गांव में घेरकर दबोचा

मध्य प्रदेश पुलिस की गठित SIT टीम को बड़ी सफलता मिली है. स्पेशल टास्क फोर्स भोपाल ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Gangster Lawrence Bishnoi) के खास गुर्गे प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार किया है. वह फिलहाल गैंगस्टर हैरी बॉक्सर के लिए काम कर रहा था. आगरा जिले के बाह में बिजौली गांव का रहने वाला प्रदीप मप्र और आसपास के राज्यों में गैंग के नेटवर्क को विस्तार दे रहा था और कारोबारियों को धमकाकर करोड़ों की फिरौती मांग रहा था.

एसटीएफ भोपाल ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खास गुर्गे प्रदीप शुक्ला को धौलपुर-मुरैना सीमा से गिरफ्तार किया है.

कई राज्यों की पुलिस कर रही तलाश

लंबे समय से एसटीएफ के रडार पर चल रहा प्रदीप राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा धौलपुर-मुरैना के बीच स्थित एक गांव में घेराबंदी कर पकड़ा गया. प्रदीप ने बाह क्षेत्र के युवाओं को मिलाकर अपना गैंग बनाया. इसके ऊपर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. आगरा में घटना को अंजाम देने के बाद वह लंबे समय से फरार था, लेकिन मध्य प्रदेश SIT के हत्थे चढ़ गया. प्रदीप शुक्ला गोवा, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में अपनी फरारी काट चुका है और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था. गिरफ्तारी के वक्त वह राजस्थान भागने की फिराक में था.

मध्य प्रदेश में अब जमा रहा था दहशत के पैर

प्रदीप शुक्ला को SIT भोपाल लेकर आई है और पूछताछ कर रही है. 15 अप्रैल तक प्रदीप रिमांड पर है. बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के अशोक नगर में पिछले दिनों दी गई धमकियों के मामले में प्रदीप की भूमिका बेहद अहम थी.

खतरनाक मंसूबों के साथ करता था ऐसे काम

प्रदीप फिलहाल हैरी बॉक्सर (Harry Boxer) के लिए काम कर रहा था. उसका मुख्य काम शिकार की पहचान करना, उनकी गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखना और पल-पल की जानकारी गिरोह के सरगनाओं तक पहुंचाना था. प्रदीप शुक्ला पर अब तक हत्या के प्रयास, रंगदारी और अवैध हथियारों से संबंधित 10 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं.

वह एक स्लीपर सेल की तरह काम कर रहा था, जो स्थानीय स्तर पर गिरोह के लिए जमीन तैयार करता था. मध्य प्रदेश में लॉरेंस गैंग के लॉजिस्टिक और सूचना तंत्र को संभाल रहा था. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह केवल इंटरनेट कॉलिंग का उपयोग करता था. मोबाइल सिम कार्ड बार-बार बदलता था.

पिछले दो माह में बिश्नोई के नाम से मध्य प्रदेश में कई लोगों को धमकी मिलने व अन्य वारदात के बाद मध्य प्रदेश के डीजीपी ने जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंपी थी. एसटीएफ ने इसके लिए एसआईटी का गठन किया है, जो आरोपियो का नेटवर्क पता लगाने में जुट गई.

इस तरह पकड़ा गया

SIT को मिले कुछ सबूत अहम साबित हुए, जिसके बाद SIT ने गोवा में प्रदीप की मौजूदगी की खबर मिलते ही 200 CCTV खंगाले. इससे जानकारी मिली कि वह ट्रेन से मध्य प्रदेश के मुरैना से निकल रहा है. उसी दौरान उसे दबोच लिया. फिलहाल प्रदीप से पूछताछ जारी है. पुलिस को इस बात की संभावना है कि प्रदेश के अलग-अलग शहरों में कारोबारियों को आए फिरौती के फोन मामले में तार प्रदीप शुक्ला से ही जुड़े हैं.
 

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