CBI Investigation in Twisha Death Case: भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत की जांच के लिए सीबीआई की टीम समर्थ सिंह के घर पहुंची. दरअसल, सीबीआई इस पूरे मामले में मेडिकल और तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाल रही है. ट्विशा के दोनों पोस्टमार्टम के दौरान जो गले का फंदा सबसे ज्यादा चर्चा और विवाद का विषय बना था, उसे भी जांच के लिए सागर की फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा गया है. दिल्ली एम्स (AIIMS) की मांग के बाद भोपाल पुलिस ने करीब 7 दिन पहले ही एफएसएल और साइबर सेल को इस संबंध में पत्र लिखा था, ताकि मौत की असली वजह और फंदे से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्य स्पष्ट हो सकें. सीबीआई अब इन सभी रिपोर्ट्स के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ाएगी.
गिरिबाला के घर से निकल कर सीबीआई की टीम पहुंची कटारा हिल्स थाने की बजाए ट्विशा के परिजनों से मुलाकात करने पहुंची. हालांकि, प्रोटोकॉल के तहत की गई इस पहली मुलाकात में परिजनों के औपचारिक बयान दर्ज नहीं किए गए. इस दौरान सीबीआई अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी. अधिकारियों ने परिजनों से कहा कि हम प्रोटोकॉल के तहत आपसे मिलने आए हैं, आपके विस्तृत बयान दिल्ली में ही दर्ज किए जाएंगे और इसके लिए आपको दिल्ली बुलाया जाएगा.
सीबीआई ने परिवार को हर संभव मदद का दिलाया भरोसा
सीबीआई ने परिवार की सुरक्षा और सहूलियत का ध्यान रखते हुए अपना पर्सनल नंबर भी उनके साथ साझा किया है, ताकि कोई भी नई जानकारी मिलने पर वे सीधे संपर्क कर सकें. स्थानीय पुलिस की लापरवाही की शिकायतों पर सीबीआई ने साफ कहा कि उन्होंने पूरे केस का अध्ययन कर लिया है और जांच में यह देखा जाएगा कि किस स्तर पर और किसने लापरवाही बरती. इस बीच, मंगलवार को ट्विशा का पूरा परिवार (माता-पिता, भाई हर्षित और भाभी) भोपाल से ऋषिकेश के लिए रवाना हो रहा है, जहां वे ट्विशा की अस्थियों का विसर्जन करेंगे.
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इधर, ट्विशा की मौत के 13 दिन बाद पहली बार आरोपी समर्थ सिंह का एक अलग रूप सामने आया. कल रात जब एसआईटी की टीम समर्थ को साथ लेकर ट्विशा के दस्तावेज और सर्टिफिकेट लेने उसके घर पहुंची, तो वहां ट्विशा का सामान देखकर समर्थ फूट-फूटकर रोने लगा. इस दौरान एसआईटी के अधिकारियों ने उसे काफी समझाया. रोते हुए समर्थ ने अधिकारियों से कहा कि ट्विशा की मौत की 90 फीसदी जांच सिर्फ मेरे घर तक ही सीमित रह गई है. अगर 10 फीसदी जांच बाहर भी कर ली जाए, तो पूरा सच सामने आ जाएगा कि आखिर वह किस तनाव में थी, जिसके कारण उसने खुदकुशी की. समर्थ ने दावा किया कि आज नहीं, तो अगले दो-तीन महीनों में सच सबके सामने होगा. उसने अधिकारी से यह भी पूछा कि क्या अंतिम संस्कार में ट्विशा का चेहरा देखने का उसका अधिकार नहीं था? इस पर अधिकारी ने जवाब दिया कि अगर वह कोर्ट में आवेदन देता, तो पुलिस उसे वहां जरूर ले जाती.
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