
Madhya Pradesh News: श्री कृष्ण जन्मभूमि परिसर स्थित शाही ईदगाह मस्जिद के सर्वे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) का फैसला आ गया है. कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद के विवादित स्थल पर सर्वे को मंजूरी दे दी है. मंजूरी आते ही देश में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है. श्रीराम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया (jaibhan singh pawaiya) ने इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा लिए गए फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा है कि इस फैसले की सूचना से करोड़ों सनातनियों में खुशी की लहर दौड़ गई है.
अर्जी लेकर अदालत में खड़े हैं कि सर्वे नहीं होना चाहिए...
पवैया ने कहा, " काशी विश्वनाथ के बाद मथुरा के लिए भी सर्वे के आदेश की उम्मीद थी. उन्होंने कहा जो लोग सर्वे का विरोध कर रहे हैं, अर्जी लेकर अदालत में खड़े हैं कि सर्वे नहीं होना चाहिए. वह क्या कहना चाहते हैं ये समझ से परे है. क्या साढ़े तीन सदी से पहले के किसी गुलामी के चिन्ह को ढोने के लिए मजबूर है हिंदुस्तान के लोग? हमारे भगवान के मंदिर को जमींदोज करके कोई अतिक्रमण खड़ा कर दिया गया. उसे हटाया नहीं जाना चाहिए."
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किसी दूसरे धर्म के स्थान पर मस्जिद बनाना उन्हीं के मजहब के खिलाफ
हिंदूवादी नेता पवैया ने कहा कि जो लोग इसे मस्जिद कह रहे हैं वह बेईमान हैं. इस जगह को ईदगाह कहना बेइमानी है. उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म के स्थान पर मस्जिद बनाना उन्हीं के मजहब में ईमान के खिलाफ बोला गया है. वह धर्मस्थल नही है और इसलिए हम अपने सपने को जल्दी पूरा करेंगे. उन्होंने कहा राम जन्मभूमि के लिए खून बहाना पड़ा मगर न्याय पालिका के जरिए हमें इन दोनों सपनों के लिए न्याय जरूर मिलेगा.
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