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This Article is From Jun 13, 2024

LED light Scam: भ्रष्टाचार के अंधेरे में डूबी LED लाइट की रोशनी, ऐसे किया करोड़ों रुपये का घोटाला..

Indore Municipal Corporation: इंदौर नगर निगम (Indore Municipal Corporation) में एलईडी लाइट (LED light) लगाने के नाम पर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का खुलासा (LED light Scam) हुआ है. म.प्र.कांग्रेस कमेटी महासचिव राकेश सिंह यादव ने इस मामले पर कई बड़े आरोप लगाए हैं. आखिर जानें क्या है सूर्या रोशनी लिमिटेड, विद्युत विभाग, इंदौर नगर निगम स्मार्ट सिटी और डमी कंपनी दम्माणी इलेक्ट्रिकल का खेला..

LED light Scam: भ्रष्टाचार के अंधेरे में डूबी LED लाइट की रोशनी, ऐसे किया करोड़ों रुपये का घोटाला..
Scam: इंदौर नगर निगम में LED लाइट से निकला बड़ा घोटाला !

LED light scam In Indore: मप्र.कांग्रेस कमेटी (MP Congress Committee) के महासचिव राकेश सिंह यादव ने बताया की नये भ्रष्टाचार (Corruption) का मामला इंदौर नगर निगम स्मार्ट सिटी (Indore Municipal Corporation) से निकला है. इसमें विद्युत विभाग भी शामिल है. पीसी में यादव ने कहा कि इंदौर नगर निगम ने दिल्ली की सूर्या रोशनी लिमिटेड को वर्ष 2019 में 8 हज़ार एलईडी लाइट लगाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था. इसके बाद अतिरिक्त 4 हज़ार एलईडी लाइट (LED light Scam) लगाने का  कॉन्ट्रैक्ट और बढ़ाया गया. टेंडर की लागत 10 करोड़ रुपये थी. कुल 12 हज़ार एलईडी लाइट लगाने का कार्य किया गया था. इंदौर नगर निगम कॉन्ट्रैक्ट में सूर्या रोशनी लिमिटेड को 7 सालों तक 12 हज़ार एलईडी लाइटों को लगाकर सभी एलईडी लाइटों का मेंटेनेंस सूर्या कंपनी को ही करना था.

दम्माणी इलेक्ट्रिकल को दिला दिया काम

लेकिन नगर निगम में स्मार्ट सिटी अधिकारी एवं बिजली विभाग के अधिकारी आशुतोष शर्मा ने सूर्या रोशनी लिमिटेड को टेंडर देने के बाद मेंटेनेंस का कार्य सूर्या रोशनी लिमिटेड से असंवैधानिक तरीके से इंदौर की दम्माणी इलेक्ट्रिकल को दिला दिया.जबकि टेंडर अनुसार मेंटेनेंस का कार्य सूर्या रोशनी लिमिटेड को ही दिया गया था.

पेमेंट लेकर दिल्ली रवाना हो गई कंपनी

फिर सूर्या रोशनी लिमिटेड ने पूरी एलईडी लाइट लगाकर पेमेंट लेकर दिल्ली रवाना हो गई. जब एलईडी लाइट खराब होती है, तब कंपनी नई लाइट ज़रूर उपलब्ध करा रही है. लेकिन स्मार्ट सिटी एवं बिजली विभाग के अधिकारी इन रिप्लेस एलईडी लाइटों का अन्य जगह उपयोग करके फर्जी बिल लगाकर भुगतान मेंटेनेंस के नाम लेते हैं. निगम के अमले के पास मौजूद अन्य एलईडी लाइट को निगम की गाड़ियों से बदला देते हैं.

हर साल 24 लाख का भुगतान करवा लेते हैं..

यहां निगम के खजाने को दो तरह से लूटा गया हैं. इंदौर नगर निगम के टेंडर की शर्तों के अनुसार प्रतिवर्ष मेंटेनेंस का 24 लाख रुपये भुगतान स्मार्ट सिटी द्वारा सूर्या रोशनी लिमिटेड को किया जाता है. स्मार्ट सिटी के अधिकारी एवं निगम विद्युत विभाग के अधिकारी दोनों मिलकर डमी कंपनी दम्माणी इलेक्ट्रिकल को मेंटेनेंस का कार्य कागज पर दिखाकर स्मार्ट सिटी से प्राप्त प्रतिवर्ष 24 लाख रुपये का भुगतान सीधे अधिकारियों द्वारा हड़प लिया जाता हैं.

निगम को लगा रहे लाखों रुपये की चपत

इंदौर नगर निगम.

इंदौर नगर निगम.

24 लाख प्रतिवर्ष मेंटेनेंस का बजट डमी कंपनी दम्माणी इलेक्ट्रिकल के माध्यम से लूटने के बाद निगम के अधिकारी मेंटेनेंस का कार्य निगम के कर्मचारियों और बिजली विभाग की गाड़ियों से कराकर इंदौर नगर निगम को लाखों रुपये का चूना लगा रहें हैं, निगम की गाड़ी क्रमांक MP-09 LQ 9603 को रंगे हाथ सूर्या की एलईडी लाइट बदलते पकड़ा हैं.

इनकी मामले में बड़ी भूमिका

सूर्या रोशनी लिमिटेड को मेंटेनेंस के पेटे प्रतिवर्ष दी गई राशि 24 लाख सीधे भ्रष्ट अधिकारियों ने हड़पी हैं. सूर्या रोशनी लिमिटेड से खराब हुई एलईडी भी निगम के खर्चे से बदलने का भ्रष्टाचारी खेल जारी हैं. स्मार्ट सिटी में सुनियोजित षड्यंत्र रचकर किये गये भ्रष्टाचार में पूर्व अधिकारी राकेश अखंड एवं वर्तमान अधिकारी सुनील गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका है.

स्टाफ से मेंटेनेंस का कार्य कराया जा रहा है

इंदौर में भ्रष्ट अधिकारियों की हिम्मत देखिए की मेंटेनेंस का कार्य दम्माणी इलेक्ट्रिक से नहीं कराकर निगम के स्टाफ से मेंटेनेंस का कार्य कराया जा रहा है. सबूत के तौर पर एक निगम की गाड़ी को साकेत नगर में रंगे हाथ पकड़ा गया. इससे स्पष्ट होता है कि इंदौर नगर निगम में स्मार्ट सिटी के सुनील गुप्ता एवं बिजली विभाग के अधिकारी आशुतोष शर्मा एवं लोकेश मेहता अब इंदौर नगर निगम की बिजली विभाग की गाड़ियों से मेंटेनेंस कराकर जनता के ख़ज़ाने में जमकर चूना लगा रहे हैं.

लोकायुक्त एवं आर्थिक अपराध में शिकायत

कांग्रेस महासचिव राकेश सिंह यादव के अनुसार अभी तक 5 साल में लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपये की मेंटेनेंस राशि को लूटकर नगर निगम के बिजली विभाग से मेंटेनेंस कराकर लगभग 75 लाख रुपये का चूना इंदौर नगर निगम को लगाया हैं. कांग्रेस महासचिव राकेश सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को सारे घोटाले की जानकारी देने के साथ लोकायुक्त एवं आर्थिक अपराध में शिकायत की है.

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 कांग्रेस ने की ये बड़ी मांगें

(1) स्मार्ट सिटी निगम अधिकारी राकेश अखंड एवं सुनील गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके बैंक खातों एंव संपत्तियों की जांच कराई जाए.
(2) सूर्या रोशनी लिमिटेड से डमी कंपनी दम्माणी इलेक्ट्रिकल को प्रतिवर्ष 24 लाख में से कितना पैसा अकाउंट में दिया गया है. इसकी जांच की जाए.
(3) इंदौर नगर निगम में बिजली विभाग की गाड़ियों को रंगे हाथ पकड़ा गया है, सूर्या रोशनी लिमिटेड का मेंटेनेंस कार्य करते हुए.सबूतों के आधार पर बिजली विभाग के आशुतोष शर्मा एवं लोकेश मेहता सहित अन्य निगम बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाए.
(4) इंदौर नगर निगम विद्युत विभाग ने अवैध रूप से मेंटेनेंस का कार्य पिछले 5 साल से कराने पर दम्माणी इलेक्ट्रिकल सहित निगम के अधिकारियों ने कितना निगम का बजट लूटा है. इसकी जानकारी लेकर ऑडिट विभाग द्वारा किये गये भुगतान की जांच करके निगम अधिकारियों से वापस वसूली की जाना चाहिए.कांग्रेस महासचिव राकेश सिंह यादव के अनुसार मुख्यमंत्री को तत्काल संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई करना चाहिए.

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