
Madhya Pradesh Assembly Election 2023: मध्य प्रदेश में इस बार के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में पिछले चुनाव में की गई शिकायतों का रिकॉर्ड टूट गया है. इस बार के चुनाव में चुनाव आयोग (Election Commission) को करीब 11 हजार से ज्यादा शिकायतें (Complaints during Election) मिली हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक इन शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है. वहीं प्रदेश में विपक्षी दल कांग्रेस इन शिकायतों के निराकरण से संतुष्ट नहीं है. बता दें कि मतदान के दिन मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने बताया था कि कांग्रेस की लगभग 1 हजार शिकायतें ऐसी हैं जिनका निराकरण चुनाव आयोग ने नहीं किया है.
पिछले चुनाव से ज्यादा मिली शिकायतें
चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि 2018 विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार के चुनाव में ज्यादा शिकायतें मिली हैं. बता दें कि इस बार के चुनाव में करीब 11 हजार शिकायतें मिली हैं, जबकि 2018 के विधानसभा चुनाव में लगभग 4 हजार शिकायतें मिली थीं. अगर पूरे चुनाव की बात करें तो सी विजिल ऐप (cVIGIL App) के माध्यम से चुनाव आयोग को करीब 11257 शिकायतें मिली हैं, जिनमें आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन (Violation of model code of conduct) की शिकायतें शामिल हैं.
CEO ने सभी शिकायतों के निराकरण का किया दावा
मतदान वाले दिन मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुपम राजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि चुनाव के दौरान आयोग को जितनी भी शिकायतें मिली थी उन सबका निराकरण कर दिया गया है.
सी विजिल एप से की गई शिकायतें
मध्य प्रदेश में इस बार के विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए चुनाव आयोग ने कई नवाचार अपनाए हैं. इस बार आम नागरिक के साथ-साथ प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को भी सी विजिल एप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई है. बता दें कि सी विजिल एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति चुनाव में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और अनुचित संसाधनों का प्रयोग कर चुनाव को प्रभावित करने के प्रयास की शिकायत कर सकता है.
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