Karhadham Ramnaam Ki Bayar: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल करहधाम इन दिनों पूरी तरह रामभक्ति में डूबा हुआ है. चारों ओर रामनाम की गूंज सुनाई दे रही है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ यहां पहुंच रही है. अंचल के विख्यात संत बाबा पटिया वाले रामरतनदास महाराज की 68वीं पुण्य स्मृति के अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजनों का सिलसिला चल रहा है. आगामी 9 फरवरी को उनकी बरसी मनाई जाएगी, जिसमें 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
देशभर से करहधाम पहुंच रहे श्रद्धालु
बाबा पटिया वाले के प्रति लोगों की आस्था दूर‑दूर तक फैली हुई है. उनकी 68वीं बरसी में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से शिष्य और अनुयायी करहधाम पहुंच रहे हैं. प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर रामनाम का जाप कर रहे हैं और प्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ ले रहे हैं.
8 दिवसीय सिय‑पिय मिलन समारोह का आयोजन
करहधाम में 2 फरवरी से 9 फरवरी तक आठ दिवसीय सिय‑पिय मिलन समारोह आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान लगातार रामनाम की धुन चल रही है. साथ ही वेद, पुराण, भागवत, गीता पाठ और यज्ञ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन भी हो रहे हैं. प्रतिदिन औसतन 15 से 20 हजार श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं.

भव्य प्रसादी व्यवस्था, रात 12 बजे तक वितरण
धर्मलाभ लेने पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए करहधाम में विशाल प्रसादी व्यवस्था की गई है. बालभोग के बाद दोपहर 2 बजे से रात 12 बजे तक लगातार प्रसादी वितरण किया जा रहा है. इस कार्य में 2 हजार से अधिक हलवाई और कारीगर जुटे हुए हैं.
बालभोग में हलुआ, जलेबी और पकोड़ी बनाई जा रही है, जबकि प्रसादी में खीर, सब्जी, मालपुआ और बूंदी श्रद्धालुओं को परोसी जा रही है. बड़े‑बड़े कढ़ावों और भट्टियों पर दिन‑रात प्रसादी तैयार की जा रही है, जिसे विशाल भंडार गृहों में संग्रहित किया जाता है.
एक बार में 1500 श्रद्धालुओं को मिल रही प्रसादी
प्रसादी वितरण की व्यवस्था इतनी सुव्यवस्थित है कि एक बार में लगभग डेढ़ हजार श्रद्धालुओं को सेवादारों द्वारा भोजन कराया जा रहा है. अंचल के सैकड़ों गांवों और मजरा‑टोलों के युवा इस सेवा कार्य में जुटे हुए हैं. दोपहर से देर रात तक वे पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं.
सेवा, सुरक्षा और व्यवस्था में जुटा प्रशासन
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और देख‑रेख के लिए प्रशासन, पुलिस और हजारों स्थानीय धर्मप्रेमी युवा लगातार योगदान दे रहे हैं. अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है.

यज्ञ और शास्त्र पाठ से वातावरण हुआ भक्तिमय
बाबा पटिया वाले की 68वीं बरसी पर केवल आयोजन ही नहीं, बल्कि जीवात्माओं की शांति और अंचल की समृद्धि के लिए प्रतिदिन यज्ञ किए जा रहे हैं. मंदिर प्रबंधन समिति ने इसके लिए देशभर से 250 से अधिक ब्राह्मणों को आमंत्रित किया है, जो वेद‑पुराण, भागवत और गीता पाठ कर रहे हैं.
9 फरवरी को उमड़ेगा आस्था का महासागर
सिय‑पिय मिलन समारोह के अंतिम दिन यानी 9 फरवरी को करहधाम में आस्था का महासागर उमड़ने की उम्मीद है. लाखों श्रद्धालु बाबा पटिया वाले को नमन करने और रामनाम के इस विराट आयोजन का हिस्सा बनने करहधाम पहुंचेंगे. पूरे अंचल में इस महाआयोजन को लेकर भक्ति, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत माहौल बना हुआ है.
बाबा पटिया वाले की 68वीं बरसी पर धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ जीवात्माओं की शांति एवं अंचल की समृद्धि के लिये वेद-पुराण, भागवत, गीता का पाठ सहित प्रतिदिन यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है. मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा देशभर के 250 से अधिक ब्राह्मण को यह जिम्मेदारी दी गई है.