मध्य प्रदेश के जबलपुर में निर्माणाधीन रिंग रोड फ्लाईओवर हादसे की शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई है। नर्मदा नदी के पास न्यू भेड़ाघाट क्षेत्र में 100 फीट ऊंचे पिलर पर लगाया गया लोहे का फ्रेम सुरक्षा मानकों के बिना काम के दौरान गिर गया। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। मौके पर सुरक्षा इंतजामों की कमी और प्रतिबंध के बावजूद काम जारी रहने के आरोपों ने निर्माण एजेंसी और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, मध्य प्रदेश के जबलपुर में बहुप्रतीक्षित रिंग रोड परियोजना के तहत नर्मदा नदी पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर ब्रिज पर रविवार देर रात बड़ा हादसा हो गया. न्यू भेड़ाघाट के पास ललपुर गांव क्षेत्र में करीब 100 फीट ऊंचे पिलर पर लगाया गया लोहे का फ्रेम अचानक टूटकर नीचे गिर गया. हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

कंक्रीट डालते वक्त बिगड़ा संतुलन
जानकारी के अनुसार फ्लाईओवर निर्माण के दौरान पिलर पर लोहे की सेंटिंग में कंक्रीट डालने का कार्य चल रहा था. इसी दौरान फ्रेम का संतुलन बिगड़ा और पूरा स्ट्रक्चर नीचे गिर गया. उस वक्त पिलर पर कई मजदूर काम कर रहे थे.
इस हादसे में 35 वर्षीय मुर्सलेम, निवासी पश्चिम बंगाल, की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं रसल एस (22) और राजेश्वर सिंह (21) गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों को तत्काल एसडीएम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.

प्रशासन हरकत में, कलेक्टर के निर्देश पर जांच
घटना की सूचना मिलते ही एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. जबलपुर कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम पंकज मिश्रा देर रात मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उपचार व्यवस्था की जानकारी ली.
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि लोहे के फ्रेम में लगे किसी नट-बोल्ट के ढीले होने या तकनीकी खामी के कारण संतुलन बिगड़ा. मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और इंजीनियरों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं.

NDTV की ग्राउंड रिपोर्ट: सुरक्षा मानकों की खुली पोल
जब NDTV की टीम ने ग्राउंड जीरो का दौरा किया तो सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई. बताया गया कि साइट को प्रतिबंधित घोषित किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य चलता रहा.
NDTV कैमरे के सामने ही साइट मैनेजर ने काम रुकवाया, लेकिन उसके जाते ही दोबारा काम शुरू कर दिया गया. जिस लोहे के स्ट्रक्चर के गिरने से हादसा हुआ, उसे मौके पर डिसमेंटल किया जा रहा था, जिसे सबूतों से छेड़छाड़ के तौर पर भी देखा जा रहा है.
प्रत्यक्षदर्शी मजदूर का दावा: हेलमेट तक नहीं थे
एक प्रत्यक्षदर्शी मजदूर ने बताया कि रात में काम के दौरान अचानक तेज आवाज आई और किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ. बाद में पता चला कि मजदूर नीचे गिर गए हैं. मजदूर के मुताबिक साइट पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे, यहां तक कि कई मजदूरों ने हेलमेट भी नहीं पहन रखे थे.

NHAI ने कंपनी को भेजा नोटिस, दिल्ली से आएगी जांच टीम
एनएचएआई ने फ्लाईओवर निर्माण कर रही एनकेसी कंपनी (गुरुग्राम) को नोटिस जारी किया है. दिल्ली से विशेषज्ञों की एक टीम जबलपुर बुलाई गई है, जो घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों की जांच करेगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हादसे के बाद एहतियातन फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है.
जबलपुर रिंग रोड परियोजना: शहर की लाइफलाइन
जबलपुर रिंग रोड परियोजना भारतमाला परियोजना के तहत स्वीकृत एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका शिलान्यास वर्ष 2022 में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया था.
परियोजना की प्रमुख बातें
- कुल लंबाई: लगभग 112 किलोमीटर
- अनुमानित लागत: करीब 3,600 करोड़ रुपये
- नर्मदा पर आइकॉनिक पुल: 750 मीटर लंबा
- पुल की लागत: लगभग 336 करोड़ रुपये
प्रस्तावित संरचनाएं
- 8 बड़े पुल
- 7 फ्लाईओवर
- 38 छोटे पुल
- 1 वाहन ओवरब्रिज
- 30 अंडरपास
हादसे से बढ़ सकता है प्रोजेक्ट में विलंब
साइट मैनेजर भावेश मावर ने बताया कि फिलहाल साइट को प्रतिबंधित कर दिया गया है और जांच टीम गठित की गई है. यह पुल जून 2026 तक पूरा होने की संभावना थी, लेकिन हादसे के चलते इसमें देरी हो सकती है.
जबलपुर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन ब्रिज का पिलर गिरा, एक मजदूर की मौत, दो गंभीर