Indore Water Tragedy: स्वास्थ्य विभाग ने भागीरथपुरा के प्रभावित क्षेत्र में भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. चंद्रशेखर गेदाम और जिला प्रशासन द्वारा आज कोबो टूल का प्रशिक्षण दिया गया. इस टूल के माध्यम से किसी भी स्थिति का रियल टाईम में वास्तविक मूल्यांकन किया जा सकता है.
रियल टाईम सर्वे के लिए बनाई गई 200 टीमें
मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी के निर्देशन में लगभग 200 टीमें बनाई गई. प्रत्येक टीम ने पहले से मार्क किए गए घरों में कोबो टूल के माध्यम से रियल टाईम सर्वे किया. इसमें उन्होंने प्रत्येक घर में ओ.आर.एस. के 10 और जिंक की 30 टेबलेट वितरित की. इसके साथ-साथ ही एक क्लिनवेट ड्राप भी वितरित की गई. टीम द्वारा यह बताया गया कि क्लिनवेट 10 लीटर पानी में 08 से 10 बूंद डालकर, एक घंटा रखने के बाद उपयोग करें. इस प्रक्रिया से पानी शुद्ध होता है.
प्रत्येक टीम को 25 घंटों करना था दौरा
इसके साथ ही स्वास्थ्य परामर्श, टोल-फ्री नं. की जानकारी, दवाई का डोज पूरा करने का संदेश, पानी को उबालकर पीने की सलाह, संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्तियों का चिन्हांकन, हाथ धोने की विधि का प्रदर्शन बताया गया. जो व्यक्ति स्वस्थ होकर घर आ गए, उनका फॉलोअप की जानकारी भी ली गई.
2745 घरों तक पहुंची टीम
प्रत्येक टीम को 25 घंटों का दौरा करना था, प्रत्येक सब-टीम में चिकित्सक, नर्सिंग ऑफिसर, सी.एच.ओ., आशा एवं ए.एन.एम. सम्मिलित थी. सोमवार को इन टीमों ने 2745 घरों तक पहुंच बनायी, जिसमें लगभग 14 हजार लोगों तक पहुंचकर किट का वितरण कर आई.ई.सी. गतिविधि और परामर्श दिया.
मरीजों को इन अस्पतालों में किया जा रहा भर्ती
क्षेत्र में कलेक्टर के निर्देशानुसार क्षेत्र में 05 एम्बुलेंस लगाई गई है... 24x7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है. मरीजों को एम. व्हाय, चिकित्सालय, अरविंदो अस्पताल और बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है, जो मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहे हैं वहां भी निःशुल्क उपचार किया जा रहा है. जांच व औषधि के लिए मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी द्वारा निर्देशित किया गया है.
110 मरीज अस्पताल में
भागीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उल्टी दस्त के 38 केस मिले जिसमें से 06 केस रेफर किये गए. वर्तमान में कुल 110 मरीज अस्पताल में भर्ती है, जिनका उपचार किया जा रहा है. वर्तमान में आईसीयू में 15 मरीज भर्ती है.