Shivraj Vidisha Viral Video: विदिशा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम विकास की सौगातों के लिए था, लेकिन सुर्खियां पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का 'कड़क' अंदाज बटोर ले गया. करीब 4400 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं के मंच पर शिवराज सिंह चौहान का अलग तेवर दिखा, जिसने एक तरफ मंचीय अनुशासन का पाठ पढ़ाया तो दूसरी तरफ जनता के दर्द को चुटीले अंदाज में सबके सामने रख दिया. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो अब सत्ता के गलियारों से लेकर विपक्ष के खेमे तक चर्चा का विषय बने हुए हैं.
शिवराज ने मंच से ही PWD मंत्री राकेश सिंह को टोका, कहा- अभी हम बोल रहे हैं डिस्टर्ब मत करो... #ShivrajSinghChouhan pic.twitter.com/hwz6gEtd1t
— NDTV MP Chhattisgarh (@NDTVMPCG) January 19, 2026
जब मंच पर दिखा अलग तेवर
कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प वाकया तब हुआ जब शिवराज सिंह चौहान जनता को संबोधित कर रहे थे. इसी बीच पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कुछ जोड़ने की कोशिश की या उन्हें बीच में टोका. इस पर शिवराज ने मुस्कुराते हुए लेकिन सख्त लहजे में कहा, "अभी हम बोल रहे हैं... डिस्टर्ब मत करो." यह सुनकर एक पल के लिए मंच पर मौजूद नेता और सामने बैठी जनता भी ठिठक गई. हालांकि, शिवराज ने तुरंत माहौल को हल्का करने के लिए हंसी-मजाक का सहारा लिया, लेकिन तब तक मंत्री जी के चेहरे के बदले हुए भाव कैमरे में कैद हो चुके थे.
गड्ढों पर 'मामा' की बेबाकी
शिवराज सिंह चौहान का दूसरा वीडियो सड़कों को लेकर उनके दर्द का है. मंच से उन्होंने खुद स्वीकार किया कि विदिशा की सड़कों की हालत फिलहाल ठीक नहीं है.
हालांकि उन्होने ये भी जोड़ा कि जिले जो बड़ी सड़कें हैं उनकी हालत कुछ ठीक है लेकिन गलियों में जो सड़कें उनकी हालत भी ठीक होनी चाहिए. शिवराज के इस बयान को राजनीतिक पंडित अपने-अपने चश्मे से देख रहे हैं.
जीतू पटवारी का पलटवार
सियासत के इस मंच पर जब 'मामा' फ्रंट फुट पर खेल रहे थे, तो विपक्षी कांग्रेस ने भी मौका नहीं गंवाया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा करते हुए तंज कसा. उन्होंने पुरानी बातों की याद दिलाते हुए कहा कि जो कभी एमपी की सड़कों को अमेरिका से बेहतर बताते थे, आज वे खुद गड्ढे गिनवा रहे हैं. पटवारी के इस तंज ने प्रदेश के सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है.
सड़कों की सौगात और मंचीय सियासत
कुल मिलाकर विदिशा का यह आयोजन केवल करोड़ों की सड़क परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहा. शिवराज सिंह चौहान के इन दो वीडियो ने यह साफ कर दिया कि चाहे दिल्ली की राजनीति हो या भोपाल का मंच, उनका प्रभाव और बात कहने का अनोखा ढंग आज भी बरकरार है. जहां एक तरफ उन्होंने मंचीय अनुशासन की मर्यादा रेखा खींची, वहीं दूसरी तरफ जनता की समस्याओं को भी बड़े मंच पर उठाने से परहेज नहीं किया.
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