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This Article is From Jul 15, 2025

ED Raids: इंदौर में दर्ज हुई थी FIR, अब मुंबई में डब्बा ट्रेडिंग-ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का बड़ा खुलासा

ED Raids: ईडी फिलहाल इस पूरे नेटवर्क की डिजिटल और फाइनेंशियल जानकारी की गहराई से जांच कर रही है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

ED Raids: इंदौर में दर्ज हुई थी FIR, अब मुंबई में डब्बा ट्रेडिंग-ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का बड़ा खुलासा
ED Raids: इंदौर में दर्ज हुई थी FIR, अब मुंबई में डब्बा ट्रेडिंग-ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का बड़ा खुलासा

ED Raids: डब्बा ट्रेडिंग पर SEBI ने रोक लगाई हुई है, लेकिन कई डब्बा ऑपरेटर ना सिर्फ डब्बा ट्रेडिंग करा रहे हैं. बल्कि अपना प्रचार-प्रसार भी कर रहे हैं. इस मामले को लेकर मुंबई में ईडी ने डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाज़ी के एक बड़े रैकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार ठिकानों पर छापेमारी की है. इस दौरान करीब ₹3.3 करोड़ की बेहिसाबी नकदी, लग्ज़री घड़ियां, कीमती गहने, विदेशी करेंसी और महंगी गाड़ियां जब्त की गईं. साथ ही, कैश गिनने की मशीनें भी बरामद की गई हैं. इस मामले की जांच PMLA  के तहत की जा रही है. यह कार्रवाई की शुरुआत इंदौर के लसूड़िया थाने मे 9 जनवरी 2025 को दर्ज FIR के आधार पर की गई है.

ऐसे चल रहा था नेटवर्क

ईडी की जांच में कई डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाज़ी ऐप्स सामने आई हैं, जिनके ज़रिए यह पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था. जिन नामों और कंपनियों के नाम से खेल हो रहा था. उनमें VMoney / VM Trading / Standard Trades Ltd, IBull Capital Ltd, LotusBook, 11Starss और GameBetLeague जैसे नाम शामिल हैं.

जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड विशाल अग्निहोत्री था. जो VMoney और 11Starss का असली मालिक है. विशाल ने LotusBook नामक सट्टेबाज़ी प्लेटफॉर्म की ADMIN राइट्स 5% मुनाफे के हिस्सेदारी पर हासिल किए. बाद में उसने यह राइट्स धवल देवराज जैन को सौंप दिए. जिसमें विशाल ने 0.125% और जैन ने 4.875% हिस्सेदारी रखी. धवल जैन ने अपने साथी जॉन स्टेट्स उर्फ पांडे के साथ मिलकर एक व्हाइट-लेबल सट्टेबाज़ी ऐप तैयार किया और वही प्लेटफॉर्म 11Starss.in के नाम से विशाल को सप्लाई किया गया.

इस पूरे खेल में मयूर पड्या उर्फ पड्या नाम का हवाला ऑपरेटर शामिल था, जो नकदी में पैसे की हेराफेरी और ट्रांजेक्शन संभालता था. यह पूरा नेटवर्क व्हाइट-लेबल ऐप्स के ज़रिए सट्टेबाज़ी को ऑपरेट करता था. ADMIN राइट्स को मुनाफे के बंटवारे के साथ इधर-उधर किया जाता था और पैसों की आवाजाही हवाला सिस्टम से की जाती थी.

आगे और भी खुलासे हो सकते हैं

ईडी फिलहाल इस पूरे नेटवर्क की डिजिटल और फाइनेंशियल जानकारी की गहराई से जांच कर रही है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं. ये कार्रवाई ईडी द्वारा अवैध ऑनलाइन कारोबार और हवाला नेटवर्क पर लगातार कसी जा रही सख्ती का हिस्सा है.

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