छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में रेत के लिए माफियाओं ने श्मशान घाट खोद डाला, जब अवैध रेत खनन के उत्खनन के दौरान मानव कंकाल मिले तो सनसनी फैल गई है. बताया जा रहा है कि खरेंगा क्षेत्र स्थित महानदी के पास रेत खदान से करीब दस मानव कंकाल निकले हैं, जिनमें से दो कंकाल ताजा बताए जा रहे हैं. मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. इस मामले में अब प्रशासन ने भी कार्रवाई करते हुए 5 ट्रैक्टरों को जब्त किया है.
ग्रामीणों का कहना है कि खरेंगा रेत खदान से माफिया ट्रैक्टर के जरिए रेत निकाल रहे हैं. इसी दौरान रेत उत्खनन करते समय एक के बाद एक मानव कंकाल बाहर निकलने लगे. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई. ग्रामीणों का आरोप है कि जिस स्थान पर रेत खनन किया जा रहा है वह श्मशान घाट क्षेत्र है.
ग्रामीणों ने प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन से उनकी धार्मिक आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंची है. लोगों का आरोप है कि लंबे समय से अवैध उत्खनन जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है.

क्या बोले कलेक्टर?
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि खरेंगा से सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 5 ट्रैक्टरों को जब्त किया है. फिलहाल रेत माफिया फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है. उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वह रेत माफियाओं के बारे में तुरंत जानकारी दें.

कंकालों को दफाने का किया जा रहा काम
वहीं, क्षेत्र के खनिज निरीक्षक को लापरवाही के चलते नोटिस जारी किया गया है. साथ ही संबंधित फर्म का रेत उत्खनन के लिए स्वीकृति भी निरस्त कर दी है और कुछ रेत खदानों का सीमांकन भी किया जा रहा है. रेत माफियाओं की वजह से बाहर निकले कंकालों को फिर से दफनाने की प्रक्रिया की जा रही है.
108 मामले हुए दर्ज
खनिज अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोकथाम के लिए खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के कुल 108 प्रकरण दर्ज किए गए हैं. इन प्रकरणों में कुल 29 लाख 51 हजार 560 रुपये की शास्ति राशि खनिज मद में जमा कराई गई है.