विज्ञापन
This Article is From Jan 20, 2024

Dog Bite Case: सिटी टास्क फोर्स की बैठक, 2030 तक भोपाल को रेबीज मुक्त शहर बनाने का लक्ष्य तय

डॉग बाइटिंग मामला: राजधानी भोपाल में लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले के बीच सिटी टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में 2030 तक राजधानी भोपाल को रेबीज मुक्त शहर बनाने का लक्ष्य तय किया गया. साथ ही अस्पताल, शैक्षणिक संस्थाओं, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को डॉग फ्री जोन बनाने पर सहमति दी गई है.

Dog Bite Case: सिटी टास्क फोर्स की बैठक, 2030 तक भोपाल को रेबीज मुक्त शहर बनाने का लक्ष्य तय
भोपाल में सिटी टास्क फोर्स की बैठक.

Bhopal News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में डॉग बाइटिंग (Dog Bite) का मामला लगातार बढ़ रहा है. वहीं लगातार बढ़ते मामलों के बीच प्रशासन हरकत में आए और सिटी टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई. ये बैठक शनिवार, 20 जनवरी को भोपाल में आयोजित किया गया. वहीं बैठक में साल 2030 तक राजधानी भोपाल को रेबीज मुक्त शहर बनाने का लक्ष्य तय किया गया. इसके साथ ही अस्पताल, शैक्षणिक संस्था, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को डॉग फ्री जोन बनाने पर सहमति दी गई है.

नगर निगम कर्मियों के लिए आयोजित किया जाएगा प्रशिक्षण

पशुओं से सीधे संपर्क में आने वाले नगर निगम कर्मियों के लिए भी प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा. वहीं नगर निगम के कचरा वाहनों से जिंगल के माध्यम से जागरूकता संदेश दिए जाएंगे. बता दें कि सिटी टास्क फोर्स के बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम स्वास्थ्य, निदेशक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, अधिष्ठाता गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी, संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मुख्य वन संरक्षक, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, अध्यक्ष नर्सिंग होम एसोसिएशन को शामिल किया गया. 

बीते साल18 हजार डॉग बाइटिंग के मामले आए सामने 

बता दें कि भोपाल में साल 2023 में कुत्तों के काटने के लगभग 18 हजार मामले सामने आए. दिसंबर और जनवरी माह में कुत्तों के काटने के मामले ज्यादा रहते हैं. वहीं इस बैठक में रेबीज नियंत्रण के लिए आवारा कुत्तों व पालतू कुत्तों का टीकाकरण किए जाने और रेबीज मामले की रिपोर्टिंग के संबंध में चर्चा की गई. 

ये भी पढ़े: Ram Mandir Ayodhya: माथे पर तिलक, हाथ में धनुष-बाण...गर्भगृह में विराजमान रामलला की पहली पूर्ण तस्वीर आई सामने

रेबीज की बीमारी से बचाव के लिए भोपाल जिले में अगस्त माह में हाई रिस्क ग्रुप को प्रीएक्सपोजर एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई थी, जिसमें पशुओं के साथ सीधे संपर्क में आने वाले पशु चिकित्सकों और नगर निगम कर्मियों को प्रीएक्सपोजर एंटी रेबीज टीका लगाया गया था.

पशु चिकित्सा और नगर निगम कर्मी को लगाया जाएगा टीका

पशुओं के सीधे संपर्क में आने वाले ऐसे पशु चिकित्सा और नगर निगम कर्मी जिनका टीकाकरण नहीं हो पाया था उन्हें टीका लगाया जाएगा. रेबीज फ्री सिटी के लिए निर्धारित एक्शन प्लान के तहत जिला प्रशासन, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन व डेयरी विभाग, वन विभाग, गैर सरकारी संगठनों और रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को शामिल किया गया है. 

ये भी पढ़े: गर्लफ्रेंड हुई प्रेग्नेंट तो बॉयफ्रेंड ने कर दिया मर्डर, 4 साल बाद पुलिस ने खोला राज, जानिए पूरी कहानी

रेबीज से बचने के लिए करें ये उपाय

राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के 2030 तक रेबीज उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. बैठक में रेबीज वैक्सीन के बारे में जानकारी दी गई.

Dogs द्वारा काटने की बढ़ती घटनाओं पर एडवाइजरी जारी

बैठक में पशुपालन विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के बारे में जानकारी दी गई. इस एडवाइजरी में बच्चों को आवारा कुत्तों से दूरी रखने, कुत्तों से छेड़छाड़ ना करने, तेज आवाज वाले पटाखों के इस्तेमाल न करने, जानवरों को परेशान न करने, पालतू कुत्तों के टीकाकरण व नसबंदी करवाने के संबंध में जानकारी दी गई है. 

ये भी पढ़े: गणतंत्र दिवस 2024: कर्तव्य पथ पर 'अनंत सूत्र', टिकट्स की कीमत-झांकी, बीटिंग रीट्रीट तक जानिए सब कुछ

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close