Kubeshwar Dham: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह सोमवार को अपने पुराने और हमलावर अंदाज में नजर आए. इछावर विधानसभा के ग्राम खेरी में पदयात्रा और मजदूरों से संवाद के दौरान उन्होंने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा पर तीखा प्रहार किया, जिससे सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है.
दरअसल, पंडित प्रदीप मिश्रा की ओर से भगवान शिव की तुलना आरएसएस से किए जाने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने सख्त आपत्ति जताई. उन्होंने कहा मैं प्रदीप मिश्रा को न तो संत मानता हूं और न ही बहुत बड़ा वक्ता. वे जिस तरह की बातें कर रहे हैं, उसकी वजह से मीडिया में बने रहते हैं. भगवान शिव की तुलना आरएसएस के साथ करना हमारी आस्था का अपमान है. मैं इसकी घोर निंदा करता हूं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे अच्छे कथावाचक हो सकते हैं, लोग उनकी कथा सुनने जाते हैं, इसमें कोई दिक्कत नहीं है.
मनरेगा का नाम बदलने पर उठाए सवाल
मनरेगा श्रमिकों से संवाद करते हुए दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर और नया कानून लाकर गरीबों व मजदूरों के हितों की अनदेखी की है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिवराज चौहान के मंत्री रहते हुए जो बदलाव किए जा रहे हैं, वे मजदूरों के खिलाफ हैं. दिग्विजय ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस हमेशा किसानों और मजदूरों के साथ खड़ा रहेगी. उन्होंने कहा कि अब राज्यसभा से मेरा कार्यकाल समाप्त होने वाला है. मैं 78 साल का हो गया हूं, पार्टी जो आदेश देगी वो काम करूंगा. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि राजनीति में सक्रिय रहूंगा.
गांव की गलियों में पैदल घूमे और सुनी समस्याएं
ग्राम खेरी में कार्यकर्ता मांगीलाल पटेल के घर रात्रि विश्राम करने के बाद सुबह दिग्विजय सिंह पैदल ही गांव की गलियों में निकल पड़े. उन्होंने घर-घर जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी. ग्रामीणों ने पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की शिकायत की. दिग्विजय सिंह ने कहा कि इछावर क्षेत्र में कांग्रेस का संगठन बेहद मजबूत है और हम जनता की इन समस्याओं के लिए लड़ते रहेंगे.