Leopard Terror in Dhar: धार जिले के बाग क्षेत्र से सटे वाणदा गांव में तेंदुए की दस्तक ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है. पिछले दो दिनों के भीतर तेंदुए ने एक बैल और एक बकरी को अपना शिकार बनाया है. तेंदुए की आबादी वाले क्षेत्र में बढ़ती आवाजाही से ग्रामीण अब शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों के अनुसार, वाणदा गांव में पहले एक बैल का शिकार हुआ और उसके अगले ही दिन तेंदुआ एक बकरी को अपना निवाला बना ले गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदुआ अब खेतों से निकलकर बस्तियों के करीब पहुंच रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
पीएम रिपोर्ट में की तेंदुए के हमले की पुष्टि
पशु चिकित्सा अधिकारी सुनील बडोले ने बैल के पोस्टमार्टम के बाद पुष्टि की है कि उसकी मौत तेंदुए के पंजों के हमले से हुई है. हालांकि, बकरी का पोस्टमार्टम अभी होना बाकी है. ग्रामीणों को डर है कि यदि समय पर पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलने में कठिनाई होगी.
वन विभाग पर लापरवाही के आरोप
लगातार हो रहे हमलों के बावजूद वन विभाग द्वारा पिंजरा न लगाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है. लोगों का कहना है कि विभाग केवल सतर्क रहने की सलाह दे रहा है, जबकि तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. जिला वनमंडला अधिकारी विजयनथम ने कहा है कि वन्यजीवों को पानी की तलाश में बस्तियों की ओर आने से रोकने के लिए जंगल क्षेत्र में झिरी निर्माण कराया जाएगा. वन विभाग ने ग्रामीणों को समूह में निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी है.
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