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This Article is From Feb 26, 2026

Sevadham Ashram में 17 बच्चों की मौत, 50 और की कभी भी जा सकती है जान, हाईकोर्ट ने कलेक्टर व CS तक को थमाया नोटिस 

Sevadham Ashram Children Death: इंदौर स्थित युग पुरुष धाम आश्रम में 10 बच्चों की मौत हो गई थी और करीब 60 से ज्यादा बच्चे बीमार हो गए थे. इस पर तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने  युग पुरुष धाम आश्रम की मान्यता रद्द कर आश्रम में रहने वाले 86 दिव्यांग बच्चों को अंकित सेवाधाम आश्रम में शिफ्ट किया था. जहां लगातार बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है.

Sevadham Ashram में 17 बच्चों की मौत, 50 और की कभी भी जा सकती है जान, हाईकोर्ट ने कलेक्टर व CS तक को थमाया नोटिस 

Children Death in Sevadham Ashram: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) स्थित अंकित सेवाधाम आश्रम में हुई 17 दिव्यांग बच्चों की मौत के मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपना लिया है. मामले में कोर्ट ने स्वत: संज्ञान  लेकर कलेक्टर और एसपी से लेकर मुख्य सचिव तक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.

दरअसल, शहर से 22 km दूर स्थित अंकित सेवाधाम आश्रम में इंदौर के युग पुरुष आश्रम से 25 दिसंबर 2025 को 86 बहुदिव्यांग बच्चे भेजे गए थे. इनमें से 14 माह के दौरान अब तक दस से 18 वर्ष के 17 बच्चों की मौत हो गई थी.

हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेकर जारी किया नोटिस

मौत पर भैरवगढ़ थाने में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम करवा कर जांच भी की गई. लेकिन बच्चों की मौत का मामला सामने आने पर हाईकोर्ट ने कुद ही संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज करने के निर्देश देते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव व आयुक्त, उज्जैन कलेक्टर, एसप, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी और सेवा धाम आश्रम संचालक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने के आदेश दिए हैं. बता दें कि सेवाधाम आश्रम में करीब एक हजार निराश्रित रहते हैं.

क्यों भेजे थे इंदौर से बच्चे ?

दरअसल, इंदौर स्थित युग पुरुष धाम आश्रम में 10 बच्चों की मौत हो गई थी और करीब 60 से ज्यादा बच्चे बीमार हो गए थे. इस पर तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने  युग पुरुष धाम आश्रम की मान्यता रद्द कर आश्रम में रहने वाले 86 दिव्यांग बच्चों को अंकित सेवाधाम आश्रम में शिफ्ट किया था. 

गंभीर हालत में बच्चे

चरक भवन हॉस्पिटल के आरएमओ डॉ. चिन्मय चिंचोलेकर ने बताया कि हमारे पास इलाज के लिए आए बच्चों की हालात अच्छी नहीं थी. कुछ मृत तो कुछ गंभीर अवस्था में लाए गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी. उनके मुताबिक, अधिकतर मौतों में एनीमिया बीमारी सामने आई है.

50 और बच्चों की कभी भी हो सकती है मौत

वहीं, सेवाधाम आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल ने बताया कि आश्रम में भेजे गए अधिकांश बच्चे बहू दिव्यांग थे, जो न चल पाते थे न उठ पाते थे. ये बच्चे महीदपुर व नागपुर के थे, जिनको सांस लेने में तकलीफ थी. इसके अलावा, खून नहीं बनने और रुकने की वजह से अचानक से अटैक आना व अन्य कई तरह की बीमारी से पीड़ित थे. आश्रम में अभी करीब 250 निराश्रित बेसहारा दिव्यांग बच्चे हैं.  इनमें से 50 से अधिक अब भी मरणासन्न अवस्था में है. 

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उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद बुधवार को महिला बाल विकास विभाग प्रमुख सचिव कलेक्टर को पत्र लिखकर इन बच्चों को यहां रखने में असमर्थता जताते हुए ले जाने का निवेदन किया है. 

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