मध्य प्रदेश में नशे के कारोबार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच मंदसौर पुलिस ने एक ऐसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है. पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए करीब 20 करोड़ रुपये मूल्य की 20 किलो ब्राउन शुगर (स्मैक) बरामद की है. इस कार्रवाई में पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का एक सदस्य अभी भी फरार है.
पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो लग्जरी कारें, सात मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की है. कुल जब्ती का मूल्य 20 करोड़ 35 लाख रुपये से अधिक बताया जा रहा है.
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देश पर प्रदेशभर में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क पर पैनी नजर रखी जा रही है. इसी कड़ी में मंदसौर पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है.
सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया. टीम के सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं और पूरे इलाके की रणनीतिक घेराबंदी की गई. पुलिस ने उन संभावित मार्गों की पहचान की, जिनका इस्तेमाल तस्कर कर सकते थे और इसके बाद संदिग्ध वाहनों की निगरानी शुरू की गई.
घेराबंदी कर पकड़ीं दो लग्जरी कारें, छानबीन में उड़े होश
कुछ समय बाद पुलिस को दो संदिग्ध वाहन दिखाई दिए. पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और पूरी सतर्कता के साथ तलाशी अभियान शुरू किया. जांच के दौरान वाहनों से जो माल बरामद हुआ, उसने सभी को चौंका दिया. दोनों वाहनों से कुल 20 किलो अवैध ब्राउन शुगर बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है.
'पायलटिंग' के जरिए पुलिस को चकमा देने की थी तैयारी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक सुजुकी एस-क्रॉस और एक हुंडई क्रेटा कार जब्त की. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन वाहनों का इस्तेमाल न केवल मादक पदार्थों के परिवहन के लिए किया जा रहा था, बल्कि इनमें से एक वाहन का उपयोग 'पायलटिंग' के लिए भी हो रहा था. आमतौर पर तस्कर पायलट वाहन का इस्तेमाल आगे चलकर रास्ते में पुलिस की मौजूदगी या चेकिंग की जानकारी देने के लिए करते हैं, ताकि मुख्य खेप वाला वाहन सुरक्षित रूप से निकल सके.
राजस्थान समेत कई राज्यों में फैला है नेटवर्क
इस मामले में गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है. शुरुआती पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि यह गिरोह केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय था. ये आरोपी एक संगठित नेटवर्क के तहत अलग-अलग राज्यों में मादक पदार्थों की सप्लाई करते थे.
पुलिस अब इस जांच में जुटी है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में ब्राउन शुगर कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन से बड़े सप्लायर हैं. आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों में सक्रिय बड़े ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं.
फरार आरोपी की तलाश और आगे की रणनीति
फिलहाल पुलिस की कई टीमें गिरोह के फरार सदस्य की तलाश में जुटी हुई हैं. उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी से इस नेटवर्क को लेकर कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
नारकोटिक्स विशेषज्ञों का मानना है कि 20 किलो ब्राउन शुगर की बरामदगी कोई सामान्य घटना नहीं है. इतनी बड़ी मात्रा हजारों युवाओं की जिंदगी और कई परिवारों को तबाह कर सकती थी. ऐसे में मंदसौर पुलिस की यह योजनाबद्ध कार्रवाई समाज को नशे के जाल से बचाने की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम है.
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