Budget 2026-27 and Madhya Pradesh: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश कर दिया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसे विकसित भारत-2047 की दिशा में प्रभावी कदम बता रहे हैं. ऐसे मे सवाल पैदा होता है कि मध्य प्रदेश ने दिल्ली से जो मांगा था, क्या बजट में वो मिला? दरअसल, 4.5 लाख करोड़ के कर्ज तले दबे प्रदेश को सिंहस्थ के लिए 20 हजार करोड़, जल जीवन मिशन का 8120 करोड़ बकाया, कर्ज सीमा बढ़ाने जैसी ज़रूरतें थीं. अब बजट के बाद तस्वीर क्या कहती है .इस खास रिपोर्ट में पढ़ें.
बजट के दिन तालियां बजती हैं और राज्यों में उम्मीदें गिनी जाती हैं. लिहाजा, मध्य प्रदेश सरकार ने भी बजट से पहले केंद्र को एक लंबी मांग-पत्र केंद्र सरकार को दिया था, लेकिन बजट के बाद असली सवाल यह है कि क्या मांग-पत्र सुनवाई तक पहुंचा या फाइल तक सीमित रह गया?

मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र से की थी ये मांगें, बजट में कितनी पूरी हुई उम्मीदें, यहां पढ़ें-क्या मिला-क्या रह गया
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ये थी मध्य प्रदेश की मांगें
- सिंहस्थ 2028 (उज्जैन): 20,000 करोड़ का विशेष पैकेज
- जल जीवन मिशन: केंद्र पर कुल बकाया 8,120 करोड़ (4,370 + 3,750)
- आदिवासी पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप: 564 करोड़ बकाया (2018-19 से 2024-25)
- कर्ज लेने की सीमा बढ़ाने की मांग थी
ये मध्य प्रदेश की की वर्तमान आर्थिक स्थिति
- 15वें वित्त आयोग की गणना के आधार पर मध्य प्रदेश की जीएसडीपी 16 लाख 94 हजार करोड़ रुपए है, लेकिन केंद्र जीएसडीपी का आकलन 15 लाख 44 हजार करोड़ रुपए पर कर रही है
- 16वें वित्त आयोग में कर हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग (7.85% से ऊपर)
- वर्तमान में केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 7.85% है, जिससे प्रदेश को लगभग 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपए मिलते हैं.
- राज्य सरकार ने इस हिस्सेदारी में 10% बढ़ोतरी की मांग की थी.
बजट से उठने वाले सवाल
राज्य की मांग थी कि उज्जैन सिंहस्थ के लिए 20 हजार करोड़ का स्पेशल पैकेज दिया जाए, लेकिन बजट के दस्तावेज़ों में सीधा सिंहस्थ पैकेज कहां है? यह पहला बड़ा सवाल है. राज्य ने कहा था कि जल जीवन मिशन में केंद्र का 8,120 करोड़ बकाया है और हकीकत ये कि 2025-26 के आवंटन में से जनवरी 2026 तक पीएचई विभाग को एक भी रुपया नहीं मिला, तो बजट के बाद सवाल ये क्या बकाया मिलने का कोई टाइमलाइन मिला?
बजट से मध्य प्रदेश के लिए उन घोषणाओं से है उम्मीदें
- 5 लाख+ आबादी वाले शहरों के विकास पर 5 साल में 5,000 करोड़ मिलेंगे
- छोटे शहरों में तीर्थ स्थलों का विकास किया जाएगा
- हर जिले में एक महिला छात्रावास बनाए जाएंगे
- जिला अस्पतालों का अपग्रेडेशन किया जाएगा.
- टेक्सटाइल सेक्टर रिफॉर्म; PM मित्र पार्क से रोजगार-किसानों को लाभ का दावा है
- राज्यों के लिए 1.40 लाख करोड़ का अनुदान (कुल)
विपक्ष का कहना है ये पूरे देश के लिये है, मध्य प्रदेश के पास इतराने की कोई वजह नहीं है. वहीं विपक्ष का ये भी कहना है कि किसानों के लिए नारियल, काजू, कोको की फसलों के लिए बजट में ऐलान क्या गया है. ऐसे में गेहूं, सोयाबीन, दलहन-तिलहन का कटोरा निराश है.
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