Bhopal Murder Case: भोपाल के अशोक गार्डन इलाके में 35 वर्षीय व्यापारी विजय मेवाड़ा की निर्मम हत्या के मामले में अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. घटना के तीन दिन बाद भी मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बॉम की गिरफ्तारी नहीं होने पर राज्य सरकार ने नाराजगी जताई है. मंत्री विश्वास सारंग ने साफ कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी. उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस को न सिर्फ आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, बल्कि उनसे जुड़े अवैध ढांचों को बुलडोजर से ध्वस्त करने तक के निर्देश दिए हैं. इस मामले में पीड़ित परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहयोग देने की भी घोषणा की गई है.
अशोका गार्डन में हुई विजय मेवाड़ा जी की निर्मम हत्या अत्यंत दुःखद एवं निंदनीय है।
— विश्वास कैलाश सारंग (@VishvasSarang) March 31, 2026
आज पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। साथ ही यह स्पष्ट किया कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी दोषी को किसी भी स्थिति में बख्शा… pic.twitter.com/tZm5Jw5L5T
गिरफ्तारी में देरी पर मंत्री की नाराजगी
मंत्री विश्वास सारंग ने गिरफ्तारी में हो रही देरी को गंभीर लापरवाही बताया. उन्होंने भोपाल पुलिस और जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. मंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में भय का माहौल पैदा करती हैं और इन्हें रोकने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी है.
बुलडोजर कार्रवाई के निर्देश
मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया कि आरोपियों के स्वामित्व वाले अवैध ढांचों की पहचान कर उन्हें तत्काल ध्वस्त किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध से अर्जित किसी भी प्रकार की संपत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रशासन को यह भी कहा गया है कि अभियान पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर चलाया जाए.
पीड़ित परिवार को मदद का आश्वासन
मंगलवार देर रात मंत्री विश्वास सारंग ने विजय मेवाड़ा के परिवार से मुलाकात की. उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. मंत्री ने घोषणा की कि मृतक की दोनों बेटियों की शिक्षा का पूरा खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाएगा. इसके अलावा दोनों नाबालिग बेटियों के नाम पर 50-50 हजार रुपये की सावधि जमा (एफडी) खोलने और मृतक की पत्नी को रोजगार उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया.
कैसे हुई वारदात?
यह घटना सोमवार रात की है, जब विजय मेवाड़ा कोलार क्षेत्र में अपनी चाय की दुकान बंद कर घर लौट रहे थे. प्रगति नगर में कर्मचारियों को छोड़ने के बाद उनका सामना स्थानीय अपराधी आसिफ उर्फ बॉम और उसके साथियों इमरान, फरमान और कालू से हुआ. आरोप है कि आरोपियों ने मजदूरों को शराब पार्टी के लिए बुलाया, इनकार करने पर कहासुनी हुई और हस्तक्षेप करने पर विजय पर हमला कर दिया गया. आसिफ ने विजय के सीने और पेट पर आठ बार चाकू से वार किए.
विरोध प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
हत्या के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया. परिजनों और स्थानीय लोगों ने सुभाष नगर में प्रदर्शन कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की. कई हिंदू संगठनों ने भी अशोक गार्डन थाने के बाहर प्रदर्शन किया. एसीपी उमेश तिवारी के अनुसार, घटना के कुछ घंटों के भीतर दो आरोपी इमरान और फरमान को गिरफ्तार कर लिया गया है. मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बॉम अभी फरार है, जिस पर पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. बताया गया है कि आसिफ के खिलाफ मारपीट, लूट, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली समेत करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं.
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