विज्ञापन

लाल निशान मिटाने वालों पर सख्ती: भोपाल में 383 अवैध निर्माण ध्वस्त करने की तैयारी, एक्शन मोड में प्रशासन

भोपाल में बड़े तालाब के किनारे बने अवैध निर्माणों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है. लाल निशान मिटाने वालों को कोई राहत नहीं मिलेगी और बिना नोटिस निर्माण तोड़े जाएंगे। प्रशासन ने 383 अवैध मकान और झुग्गियों को चिन्हित किया है. 6 अप्रैल से बुलडोजर कार्रवाई दोबारा शुरू होगी, जिसमें बैरागढ़ और टीटी नगर क्षेत्र के अतिक्रमण हटाए जाएंगे.

लाल निशान मिटाने वालों पर सख्ती: भोपाल में 383 अवैध निर्माण ध्वस्त करने की तैयारी, एक्शन मोड में प्रशासन

Bhopal Bulldozer Action: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर प्रशासन अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने जा रहा है. बड़े तालाब के किनारे हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन पूरी तैयारी में है. जिन लोगों ने अपने मकानों से प्रशासन द्वारा लगाए गए लाल निशान मिटा दिए हैं, उनके खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. साफ कर दिया गया है कि ऐसे निर्माण सीधे तोड़े जाएंगे. 6 अप्रैल से कार्रवाई दोबारा शुरू होगी और तब तक चलेगी, जब तक सभी चिह्नित अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हटा दिए जाते.

भोपाल से हरप्रीत कौर रीन की रिपोर्ट...

6 अप्रैल से फिर शुरू होगी कार्रवाई

प्रशासन ने बड़े तालाब के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 6 अप्रैल से दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है. कुछ दिन पहले अतिक्रमण चिन्हित कर मकानों पर लाल निशान लगाए गए थे, लेकिन कई लोगों ने इन निशानों को मिटा दिया. जिला टास्क फोर्स की बैठक में इसे नियमों से छेड़छाड़ माना गया है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

लाल निशान मिटाने पर नहीं मिलेगी कोई राहत

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लाल निशान हटाना अतिक्रमण छिपाने की कोशिश मानी जाएगी. ऐसे निर्माणों को बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के तोड़ा जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि तोड़फोड़ के साथ‑साथ नियमों के उल्लंघन पर अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

एफटीएल क्षेत्र में बने सभी निर्माण हटेंगे

प्रशासन की टीम ने एफटीएल यानी फुल टैंक लेवल से 50 मीटर के दायरे में बने सभी अतिक्रमणों को चिन्हित किया है. ये सभी निर्माण हटाए जाएंगे. इसके अलावा 16 मार्च 2022 के बाद बने प्रत्येक निर्माण को अवैध मानते हुए हटाने की कार्रवाई की जाएगी. ग्रामीण क्षेत्रों में यह सीमा 250 मीटर निर्धारित की गई है.

383 निर्माण और झुग्गियां चिन्हित

अब तक की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार कुल 383 पक्के निर्माण और झुग्गियां अतिक्रमण के रूप में चिन्हित की गई हैं. बैरागढ़ क्षेत्र में 266 और टीटी नगर इलाके में 117 अतिक्रमण सामने आए हैं. प्रशासन ने सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर एक सप्ताह का समय दिया था, जो सोमवार को समाप्त हो रहा है.

बैरागढ़ और टीटी नगर में सबसे ज्यादा अतिक्रमण

सबसे ज्यादा अतिक्रमण बैरागढ़ सर्कल के कोहेफिजा, खानूगांव, हलालपुर, बैरागढ़ कलां, बेहटा और बोरबन इलाकों में पाए गए हैं. यहां 44 पक्के निर्माण चिन्हित हुए हैं, जिनमें बंगले, विला और बहुमंजिला इमारतें शामिल हैं. इसके अलावा 17 सरकारी अतिक्रमण भी दर्ज किए गए हैं. बेहटा और बोरबन क्षेत्र में 170 झुग्गियों को भी अतिक्रमण माना गया है.

सोमवार से चलेगा बुलडोजर

टीटी नगर क्षेत्र में भी 49 सरकारी और 68 निजी अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें हटाया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद सोमवार से बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी. इस बार किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और बड़े तालाब क्षेत्र को अतिक्रमण‑मुक्त करने के लिए पूरी ताकत से अभियान चलाया जाएगा.

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close