Bhind Flyover Beam Collapses: मध्य प्रदेश के भिंड में फ्लाई ओवर ब्रिज का बीम अचानक गिर गया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई. जानकारी के मुताबिक, बीम टूटकर दो हिस्सों में बंट गया. दो मजदूर इसकी चपेट में आ गए. एक मजदूर को मामूली चोटें आईं, जिसे प्राथमिक उपचार दिया गया. वहीं हादसे के बाद भ्रष्टाचार की भी पोल खुल गई है. बायपास ओवरब्रिज का निर्माण रिंग रोड परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा था.
यह मामला देहात थाना क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक, धरई गांव के पास बायपास पर फ्लाई ओवर ब्रिज बन रहा था. सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है.
Flyover Beam Collapses: भिंड में बाईपास पर बन रहे फ्लाईओवर का बीम गिरा, मची भगदड़, एक राहगीर घायल#MadhyaPradesh #FlyoverCollapses pic.twitter.com/14u85qVUUy
— NDTV MP Chhattisgarh (@NDTVMPCG) January 20, 2026
मजदूरों में मच गई चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ओवरब्रिज के पिलरों पर भारी-भरकम गार्डर को स्थापित किया जा रहा था. इसी दौरान गार्डर अचानक असंतुलित हो गया और तीन जगह से टूटते हुए नीचे आ गिरा. गार्डर का एक हिस्सा सीधे जमीन पर गिर गया, जबकि दूसरा हिस्सा पिलर पर लटक गया. हादसे के वक्त नीचे और आसपास काम कर रहे मजदूरों में चीख-पुकार मच गई.
इस दुर्घटना में दो मजदूर इसकी चपेट में आ गए. एक मजदूर को मामूली चोटें आईं, जिसे प्राथमिक उपचार दिया गया.
जेसीबी चालक ने सूझबूझ से बचाई मजदूर की जान
वहीं दूसरा मजदूर टूटे हुए पिलर पर लटक गया, जिससे उसकी जान पर बन आई. स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी, लेकिन मौके पर मौजूद जेसीबी चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए मशीन की मदद से लटके मजदूर को सुरक्षित नीचे उतार लिया. जेसीबी चालक की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया.
निर्माणाधीन कंपनी के अधिकारी और इंजीनियर मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही निर्माणाधीन कंपनी के अधिकारी और इंजीनियर तत्काल मौके पर पहुंचे. देहात थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया. कंपनी की ओर से यह कहा गया कि गार्डर गिरने के कारणों की जांच की जा रही है और तकनीकी खामियों को समझने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाने में लगे रहे और पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार की जा रही है.
एसकेएस कंपनी को सौंपा गया है निर्माण कार्य
यह ओवरब्रिज एनएच के तहत बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य एसकेएस कंपनी को सौंपा गया है. हादसे के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. लोगों का कहना है कि लंबे समय से ओवरब्रिज निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायतें सामने आती रही हैं. समय से पहले काम पूरा करने के दबाव में नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कराया जा रहा है.
कंपनी पर गंभीर आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इससे पहले भी इसी कंपनी पर लापरवाही और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लग चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इसी का नतीजा है कि इस तरह की खतरनाक घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें मजदूरों की जान जोखिम में पड़ रही है.
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा की बात भी कही जा रही है. इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बड़े प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर लापरवाही कब तक जारी रहेगी.
इंटरनल टेक्निकल जांच टीम गठित
वहीं एनएच अधिकारी आर.के. ठाकुर का कहना है कि इस मामले में इंटरनल टेक्निकल जांच टीम गठित कर दी गई है. जिसका नेतृत्व क्वालिटी कन्ट्रोलर अनुज मिश्रा करेंगे. इस फ्लाई ओवर को SKS कंपनी को दिया गया था.
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