सागर जिले से जुड़े चर्चित 'किन्नर विवाद' मामले में अब राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है. आयोग ने सागर पुलिस अधीक्षक और टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं. साथ ही आयोग ने जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा है.
मोना ने टीकमगढ़ में की थी आत्महत्या
आयोग द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि बीते दिनों सागर की रहने वाली किन्नर मोना ने टीकमगढ़ में आत्महत्या कर ली थी. इस घटना के बाद मृतक मोना की गुरु किन्नर रानी ठाकुर ने सागर की नायक किन्नर किरण पर गंभीर आरोप लगाए थे. रानी ठाकुर का आरोप है कि किरण द्वारा मोना पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे मानसिक प्रताड़ना में आकर मोना ने यह कदम उठाया. इन आरोपों को गंभीर मानते हुए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं.
एसपी से जवाब तलब
शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह मामला केवल आत्महत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानवाधिकारों के उल्लंघन, धार्मिक स्वतंत्रता और मानसिक उत्पीड़न जैसे संवेदनशील पहलू जुड़े हुए हैं. आयोग ने दोनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और यह स्पष्ट करने को कहा है कि अब तक की जांच में क्या कार्रवाई की गई है तथा आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
रानी ठाकुर को किन्नर समाज से निष्कासित करने का सुनाया था फैसला
बता दें कि इस मामले को लेकर बीते दिनों सागर में भारी बवाल देखने को मिला था. प्रदेशभर से बड़ी संख्या में किन्नर सागर पहुंचे थे और यहां किन्नर पंचायत का आयोजन किया गया था. पंचायत के दौरान मामले पर लंबी चर्चा हुई, जिसके बाद किन्नर समाज ने किन्नर रानी ठाकुर को समाज से बाहर करने का निर्णय लिया था. इस निर्णय के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया था तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हुए थे.


किन्नर रानी ठाकुर का आरोप
वहीं किन्नर रानी ठाकुर लगातार इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करती रही हैं. उनका कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर ध्यान दिया गया होता, तो मोना की जान बचाई जा सकती थी. उन्होंने प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग की थी, जिसके बाद अब आयोग ने यह सख्त कदम उठाया है.
सागर और टीकमगढ़ पुलिस महकमे में हलचल तेज
अब राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के इस एक्शन के बाद यह देखना अहम होगा कि पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या आरोपों की निष्पक्षता से जांच कर दोषियों पर ठोस कार्रवाई हो पाती है या नहीं. फिलहाल आयोग के नोटिस के बाद सागर और टीकमगढ़ पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और मामले पर सभी की निगाहें टिकी हुई.
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