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Adulteration: सीमेंट वाले जीरा के बाद अब लौंग में मिलाने वाली लकड़ी का जखीरा मिला, 8 टन माल जब्त

Gwalior News: ग्वालियर में खाद्य और सुरक्षा विभाग ने नकली लौंग (लौंग की लकड़ी) का एक बड़ा जखीरा पकड़ा. बताया जा रहा है कि इस लकड़ी को लौंग में मिलाने के लिए महाराष्ट्र से ग्वालियर लाया गया था. यह लौंग की लकड़ी को ग्वालियर की दाल बाजार स्थित  फर्म प्रभा ट्रेडर्स द्वारा  मंगवाया गया था. 

Adulteration: सीमेंट वाले जीरा के बाद अब लौंग में मिलाने वाली लकड़ी का जखीरा मिला, 8 टन माल जब्त

Adulteration Gwalior: मध्य प्रदेश का ग्वालियर मिलावटखोरी का हब बनता जा रहा है. नकली और मिलावटी घी, दूध, पनीर और मावा के बाद अब यहां मिलावटी मसाले भी तैयार हो रहे हैं. कुछ दिनों पहले यहां सीमेंट के लेप से तैयार किया गया जीरा पकड़ा गया था. इसके बाद धनिया, मिर्ची हल्दी में मिलावट पकड़ी गई थी.  अब महंगे मसालों में भी  मिलावट का बड़ा खेल शुरू हो गया है.

इसी कड़ी में बीते रोज  खाद्य और सुरक्षा विभाग ने नकली लौंग (लौंग की लकड़ी) का एक बड़ा जखीरा पकड़ा. बताया जा रहा है कि इस लकड़ी को लौंग में मिलाने के लिए महाराष्ट्र से ग्वालियर लाया गया था. यह लौंग की लकड़ी को ग्वालियर की दाल बाजार स्थित  फर्म प्रभा ट्रेडर्स द्वारा  मंगवाया गया था. 

 8 टन नकली लौंग जब्त 

खाद्य विभाग की ओर से दी गई सूचना  पर प्रभा ट्रेडर्स के मालिक मनीष गोयल के भाई आकाश गोयल मौके पर पहुंचे और उन्होंने इस लौंग की लकड़ी को अपना बता कर अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए. खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार धाकड़ ने मौके से दो नमूने लिए और शेष 166 कट्टों में भरी कुल 8267 किलोग्राम ( 8 टन) नकली लौंग जब्त कर ली. जब्त माल की अनुमानित कीमत करीब नौ लाख रुपये बताई जा रही है. इस पूरे मामले पर ग्वालियर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश धाकड़ ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना मिली थी कि ट्रांसपोर्ट नगर स्थित महावीर ट्रांसपोर्ट पर नकली लौंग का जखीरा आया है. इस सूचना पर जिले के खाद्य विभाग ने लगातार  निगरानी की. पुख्ता सूचना मिलने पर दोपहर में गोदाम पर छापा मारा गया. छापा मारकर ट्रक नंबर एमपी 07 एचबी 9254 से अनलोड हो रही खेप को मौके पर ही रोक दिया गया.

ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान

खाद्य टीम क़ो  जांच के दौरान बताया गया कि माल महाराष्ट्र से ग्वालियर के दाल बाजार स्थित प्रभा ट्रेडर्स के लिए आया है. दस्तावेज पेश किए गए, लेकिन जब बोरियों क़ो खोलकर माल  की जांच की गई, तो मामला संदिग्ध निकला. निरीक्षण में लौंग के बजाय लौंग स्टेम पाए गए, जिनका उपयोग मिलावट में किया जाता है. लिहाजा, इस निकली  लौंग की लकड़ी क़ो जब्त कर लिया.

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व्यापारियों ने बताया कि बाजार में वर्तमान में लौंग का मूल्य 800 से 900 रुपए किलो के बीच है. इस लौंग में 108 रुपये किलो की लौंग की लकड़ी मिलाने की तैयारी थी. 9 लाख रुपये की लकड़ी उच्च गुणवत्ता की लौंग में मिलाने से 74 लाख रुपए की कमाई हो जाती. विशेषज्ञ बताते हैं कि लौंग की जो लकड़ी मिलावट के लिए आई थी, उसे पहचानना आसान नहीं हैं, क्योंकि वह हूबहू लौंग जैसी ही दिखती है. इसलिए लोंग में आसानी से मिक्स हो जाती है. खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश धाकड़ ने बताया कि सैम्पल ले लिए गए. रिपोर्ट आते ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी. वहीं, कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि उन्होंने यहां मिलावट खोरों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है. इसी कड़ी में अनेक जगह सैम्पल और जब्ती की कार्रवाई के साथ ही दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है.

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