भोपाल में चल रहा किसान आंदोलन खत्म हो गया है. सभी किसान अपने-अपने जिले की ओर रवाना हो गए हैं. इससे पहले किसान आंदोलन के बीच सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं. करीब चार घंटे तक चली किसान प्रतिनिधियों और मंत्रियों की बैठक के बाद सरकार ने मूंग खरीदी की सीमा बढ़ा दी है. स्लॉट बुकिंग और उपार्जन की तारीख बढ़ाने के साथ-साथ खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है.
राज्य सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष के लिए मध्य प्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी की स्वीकृति दी है. पीएम-आशा (PM-AASHA) योजना के तहत राज्यों को कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत उपार्जन करने का प्रावधान है.
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रदेश में अब किसानों से मूंग उपज का उपार्जन 25% के स्थान पर 60% तक किया जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 तथा मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि 20… pic.twitter.com/MJE4s5bn8E
— BJP Madhya Pradesh (@BJP4MP) July 29, 2026
अब 25% नहीं, 60% मूंग खरीदेगी सरकार
सरकार ने किसान प्रतिनिधियों के साथ लंबी चर्चा के बाद बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत उपार्जन किया जाएगा. आंकड़ों के मुताबिक नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में यह करीब 3 क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगा. यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके.
स्लॉट बुकिंग और खरीदी की तारीख बढ़ाई
सरकार ने किसानों की सुविधा को देखते हुए स्लॉट बुकिंग की अवधि भी बढ़ा दी है. अब किसान 30 जुलाई की बजाय 10 अगस्त तक स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे. वहीं, मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि को 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि इससे ज्यादा से ज्यादा किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा.
किसान हितैषी भाजपा सरकार का बड़ा निर्णय। pic.twitter.com/npsfQoqWh8
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ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित
सरकार ने माना कि खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को लेकर किसानों की ओर से कई शिकायतें और व्यावहारिक समस्याएं सामने आई थीं. हालांकि सरकार ने इसे भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार बताया है, लेकिन फिलहाल किसानों की परेशानियों को देखते हुए ई-टोकन के जरिए खाद वितरण की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है.
उच्चस्तरीय समिति करेगी समीक्षा
मुख्यमंत्री के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी. यह समिति ई-टोकन व्यवस्था से जुड़ी सभी समस्याओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं देगी. सरकार ने कहा है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर आवश्यक सुधार तत्काल लागू किए जाएंगे. दो दिन से भोपाल में आंदोलन कर रहे किसानों की प्रमुख मांगों पर सरकार के इन फैसलों को बेहद अहम माना जा रहा है.