Indore Water Contamination: इंदौर (Indore) के भागीरथपुरा (Bhagirathapura) क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आ गई है. इसी कड़ी में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई (Neeraj Mandloi) और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन (Anupam Rajan) आज सुबह इंदौर के भागीरथपुरा पहुंचे.
उन्होंने मरीजों से मुलाकात की और इलाके का जायजा लिया. इस दौरान उनके साथ कलेक्टर शिवम वर्मा (Collector Shivam Verma) और निगमायुक्त क्षितिज बंसल भी मौजूद थे. वहीं महापौर भी भागीरथपुरा पहुंचे और अभी तक हुए काम और आगे की रणनीति पर चर्चा की.

खुद अपर मुख्य सचिव पहुंचे भागीरथपुरा, लिया जायजा
उच्च प्रशासनिक अमला अधिकारियों ने सबसे पहले लीकेज प्वाइंट पर पहुंचे और ओवर हेड टैंक के लीकेज की जानकारी ली. साथ ही संजीवनी क्लिनिक पहुंचकर मरीजों की स्थिति जानी. इस दौरान डिस्पेंसरी में स्वास्थ्य सेवाओं और समीप ही बनी पानी की टंकी का भी निरीक्षण किया. वहीं सभी अधिकारियों ने क्षेत्र में जारी पाइपलाइन कार्य का जायजा लिया.

अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक, दिए कई सख्त निर्देश
निरीक्षण करने के बाद अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बैठक हुई. इस बैठक में नगर निगम में रिक्त पदों पर नियुक्ति पर चर्चा की गई. खासकर तकनीकी पदों की भर्ती पर... इस दौरान अपर मुख्य सचिव ने कई निर्देश दिए-
- सारी टंकियों पर एक-एक सब इंजीनियर
- शहर की सभी टंकियों पर नक्शा
- जितनी लेब की आवश्यकता है उसकी पूर्ति करें
- सभी निर्णयों पर तेजी से कार्य करना आवश्यक है.
- प्रक्रिया का पालन करते हुए अतिआवश्यक कार्यो को पूरा करें
- सामुदायिक गतिविधि प्रारम्भ करना होगा, लोगों को प्रेरित करना होगा.
20 लोगों की मौत
बता दें कि भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में दूषित पानी पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है . वहीं 3200 से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं. कई मरीज अभी भी आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं और अस्पतालों में लगातार नए मरीज भर्ती हो रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक, अब तक कुल 446 लोग अस्पताल में भर्ती किए जा चुके हैं, जिनमें से 50 मरीजों का इलाज अभी जारी है.
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