
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Assembly Elections 2023) राज्य में दक्षिण क्षेत्र के कोंडागांव जिले में कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र है, जो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. पिछले विधानसभा चुनाव, यानी वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां कुल मिलाकर 164983 मतदाता थे, जिन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी मोहन मरकाम को 61582 वोट देकर जिताया था. उधर, बीजेपी उम्मीदवार लता उसेंडी को 59786 वोट हासिल हो सके थे, और वह 1796 वोटों से हार गए थे.
इसी तरह वर्ष 2013 में कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी मोहन मरकाम को जीत हासिल हुई थी, और उन्होंने 54290 वोट हासिल किए थे. इस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार लता उसेंडी को 49155 वोट मिल सके थे, और वह 5135 वोटों के अंतर से दूसरे स्थान पर रहे थे.
इससे पहले, कोंडागांव विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी पार्टी के प्रत्याशी लता उसेंडी ने कुल 44691 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी, और कांग्रेस उम्मीदवार मोहन मरकाम दूसरे स्थान पर रहे थे, जिन्हें 41920 मतदाताओं का समर्थन हासिल हो सका था, और वह 2771 वोटों के अंतर से विधानसभा चुनाव हार गए थे.
गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव, यानी विधानसभा चुनाव 2018 में छत्तीसगढ़ में 68 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, और पार्टी ने भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया था. इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रमन सिंह का 15 साल तक चला कार्यकाल खत्म हो गया था. BJP इस चुनाव में महज़ 15 सीटें ही अपनी झोली में डाल पाई थी. 2018 में छत्तीसगढ़ में सत्ता में कैसे बदलाव हुआ था, इसे समझने के लिए 2013 के चुनाव परिणाम पर भी निगाह डालनी होगी. तब BJP को 49 सीटें मिलीं थीं और कांग्रेस को 41 सीटें, लेकिन दोनों के बीच वोट शेयर का अंतर महज़ 1 फीसदी से भी कम था. अब भूपेश सरकार के पास राज्य में पहली बार बनी कांग्रेस सरकार को रिपीट करने की चुनौती है, तो BJP एन्टी-इन्कम्बेन्सी के सहारे फिर सत्ता पाने की जुगत में लगी है.