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National Voters Day 2026: हर वोट मायने रखता है; राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर जानिए वोटर लिस्ट में नाम कैसे जुड़वाएं

National Voters Day: भारत की आबादी में युवाओं का बड़ा हिस्सा है, इसलिए उनकी भागीदारी निर्णायक मानी जा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार झा के अनुसार, 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी युवा मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं.

National Voters Day 2026: हर वोट मायने रखता है; राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर जानिए वोटर लिस्ट में नाम कैसे जुड़वाएं
National Voters Day 2026: हर वोट मायने रखता है; राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर जानिए वोटर लिस्ट में नाम कैसे जुड़वाएं

National Voters Day 2026: 25 जनवरी को पूरे देश में राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters Day) उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया जाता है. भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने और नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से मनाया जाने वाला यह दिवस इस बार और भी खास है, क्योंकि इसी दिन भारत निर्वाचन आयोग अपने 76वें स्थापना दिवस का भी जश्न मना रहा है. इस साल 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाएगा. राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों से लेकर मतदाता शपथ तक, यह दिन “हर वोट मायने रखता है” संदेश को एक बार फिर रेखांकित कर रहा है. इस बार की थीम "My India My Vote" यानी "मेरा भारत मेरा वोट" तय की गई है.

क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय मतदाता दिवस?

राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर वर्ष 25 जनवरी को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1950 में भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी. वर्ष 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने घटते मतदान प्रतिशत और युवाओं में राजनीतिक उदासीनता को देखते हुए इस दिन को राष्ट्रीय मतदाता दिवस घोषित किया था.
पहला राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी 2011 को मनाया गया था. इस दिवस के मुख्य उद्देश्य है : 

  • हर योग्य नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना,
  • उसे मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध कराना,
  • और मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है.

इस दिन मतदाता शपथ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक, नृत्य, संगीत, और जागरूकता प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती है. मतदान को एक “उत्सव” की तरह मनाने का उद्देश्य नागरिक सहभागिता को और मजबूत बनाना है.

ऐसी है शपथ

" हम, भारत के नागरिक लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते है कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाये रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगें. "

युवा मतदाता लोकतंत्र की नई ताकत

भारत की आबादी में युवाओं का बड़ा हिस्सा है, इसलिए उनकी भागीदारी निर्णायक मानी जा रही है. मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार झा के अनुसार, 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी युवा मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं.

नाम जुड़वाने की प्रक्रिया

ऑनलाइन

  • Voters.eci.gov.in पर फॉर्म-6 भरें
  • ECINet App के जरिए भी पंजीकरण संभव

ऑफलाइन

संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास फॉर्म-6 जमा करें. प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है ताकि कोई भी पात्र मतदाता वंचित न रहे.

SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है?

SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक समयबद्ध, घर-घर जाकर की जाने वाली प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदान से पहले मतदाता सूचियों को सही और अद्यतन किया जाता है. यह काम बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा किया जाता है.
इस प्रक्रिया के माध्यम से ये काम होते हैं :
•    नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं,
•    मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं,
•    और नाम, पता या अन्य विवरणों में सुधार किया जाता है.
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची सही, पूरी और त्रुटि-रहित हो, ताकि कोई भी योग्य नागरिक मतदान से वंचित न रहे.

SIR का कानूनी आधार

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत भारत निर्वाचन आयोग को यह अधिकार दिया गया है कि वह: 
मतदाता सूची तैयार करे, उसमें संशोधन करे और आवश्यकता पड़ने पर विशेष पुनरीक्षण भी कराए. इसका मतलब है कि निर्वाचन आयोग दर्ज कारणों के साथ किसी भी समय मतदाता सूची को सुधार सकता है.

SIR का संवैधानिक आधार

अनुच्छेद 324: यह अनुच्छेद भारत निर्वाचन आयोग को चुनाव कराने और मतदाता सूची तैयार करने की पूरी जिम्मेदारी और अधिकार देता है.

अनुच्छेद 326: यह अनुच्छेद सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की गारंटी देता है. इसके तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का हर भारतीय नागरिक मतदान का अधिकार रखता है, जब तक कि उसे कानून द्वारा अपराध, मानसिक अस्वस्थता या भ्रष्ट आचरण के कारण अयोग्य न ठहराया गया हो.

मध्य प्रदेश में SIR की स्थिति

  • 23 दिसंबर 2025: प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित
  • 23 दिसंबर 2025–22 जनवरी 2026: दावे–आपत्तियाँ
  • 23 दिसंबर 2025–14 फरवरी 2026: सुनवाई अवधि

भारत निर्वाचन आयोग ने इस वर्ष SIR की समयसीमा 14 फरवरी 2026 तक बढ़ा दी है. सहायता के लिए 1950 हेल्पलाइन और राज्य निर्वाचन कार्यालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध हैं.

महत्वपूर्ण फॉर्म

  • नाम जोड़ने के लिए – फॉर्म 6
  • नाम हटवाने के लिए – फॉर्म 7
  • सुधार/संशोधन के लिए – फॉर्म 8

राष्ट्रीय मतदाता दिवस देश के हर नागरिक को याद दिलाता है कि वोट सिर्फ अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी है. युवा मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी न सिर्फ चुनाव प्रक्रिया को मजबूत बनाती है, बल्कि लोकतंत्र को अधिक समावेशी, जवाबदेह और जीवंत बनाती है.

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