Wedding Food Poisoning: शादी का जश्न जब खुशियों की जगह मातम दे जाए, तो पूरे गांव का दिल दहल जाता है. गरियाबंद जिले में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां चौथिया भोज में शामिल हुए दर्जनों लोग अचानक बीमार पड़ गए. शादी का माहौल देखते ही देखते अफरा-तफरी में बदल गया और जहां कल तक गीत-संगीत गूंज रहा था, वहां एम्बुलेंस की आवाज और परिजनों की चीखें सुनाई दे रही हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि ये घटना फूड पॉइजनिंग के कारण हुई.
शादी की दावत बनी जानलेवा
गरियाबंद के दो गांव मोहलाई और बोइरगांव एक शादी समारोह के चौथिया भोज में शामिल हुए थे. खुशी-खुशी लौटे ग्रामीणों की तबीयत आधी रात के बाद अचानक बिगड़ने लगी. उल्टियां, दस्त और पेट दर्द से हालात ऐसे बने कि गांव के कई लोग उठ भी नहीं पा रहे थे. देखते ही देखते बीमारों की संख्या बढ़ती गई और दोनों गांवों में हड़कंप मच गया.
दो अलग पंचायतों से लौटे लोग हुए बीमार
मोहलाई गांव के लोग कुटेना गए थे और बोइरगांव के ग्रामीण धवलपुर में भोज खाकर लौटे थे. ग्रामीणों का कहना है कि दिनभर सब कुछ सामान्य था, लेकिन देर रात बच्चों और बुजुर्गों को सबसे पहले उल्टियां शुरू हुईं. कुछ ही घंटों में ज्यादातर लोग पेट दर्द और दस्त से परेशान हो गए. स्थिति इतनी बिगड़ी कि एक-एक घर में कई सदस्य बीमार पड़ चुके थे.
अस्पताल में मचा हाहाकार
जब यह खबर फैली कि मोहलाई के 22 और बोइरगांव के 27 लोग गंभीर हालत में हैं, तो स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आया. कोसमी उपस्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी और बेड कम पड़ने लगे. ऐसे मुश्किल समय में दोनों पंचायतों के सरपंच आत्माराम नेताम और राजकुमार सोरी ने खुद मोर्चा संभाला. वे अस्पताल में खड़े होकर मरीजों की ड्रिप से लेकर दवाओं तक का ध्यान रखते दिखे.
क्या खाने में लापरवाही हुई?
गांवों में अब हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर खाने में ऐसी क्या गड़बड़ी हुई जिसने इतने लोगों को बीमार कर दिया. भीषण गर्मी में खाना खराब हो गया था या फिर बनाने-परोसने में सफाई नहीं रखी गई? स्वास्थ्य विभाग अब भोज में बने खाने के नमूने इकट्ठा करने की तैयारी कर रहा है ताकि असली वजह पता चल सके.
अब भी आ रहे हैं मरीज
कोसमी स्वास्थ्य केंद्र में बीमारों का पहुंचना अभी भी जारी है. आसपास के गांवों में भी स्वास्थ्य कर्मियों को सतर्क कर दिया गया है. फिलहाल सभी को प्राथमिक उपचार मिल रहा है, लेकिन कई मरीजों की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है. गांवों में डर का माहौल है और लोग चौथिया भोज की इस घटना को लेकर काफी चिंतित हैं.