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This Article is From Jan 28, 2026

Raipur: "तूता धरना स्थल का दो रसोइयों की मृत्यु से कोई वास्ता नहीं..."   महिलाओं की मौत के बाद सरकार ने जारी किया बयान 

Raipur News: रायपुर में दो रसोईयों की मौत के बाद मामला गर्मा गया है. इधर सरकार का दावा है कि हड़ताल के कारण इनकी मौत नहीं हुई है.  

Raipur: "तूता धरना स्थल का दो रसोइयों की मृत्यु से कोई वास्ता नहीं..."   महिलाओं की मौत के बाद सरकार ने जारी किया बयान 
हड़ताल में शामिल दो महिला रसोईयों की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत का दावा संघ ने किया है.

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में पिछले 1 महीने से हड़ताल कर रहे रसोइयों में से दो महिलाओं की मौत मामले में राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखा है. राज्य सरकार की जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया है कि  तूता धरना स्थल पर हड़ताल में बैठे रसोईयों में से दो की तबीयत बिगड़ने से मौके पर ही मृत्यु होने की जानकारी भ्रामक है. 

लोक शिक्षण संचालनालय के हवाले से दिखाई जानकारी हमें बताया गया है कि किन्हीं दो महिला रसोइयों की मौत हुई है वह दो दिन पहले धरना स्थल से घर लौट गई थीं. तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया. जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हुई है, घटनास्थल पर उनकी मृत्यु नहीं हुई है. लोक शिक्षण संचालनालय का कहना है कि इस मृत्यु में प्रत्यक्ष रूप से धरना का कोई लेना-देना नहीं है. 

हालांकि लोक शिक्षण संचालनालय इस बात को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं किया है कि एक महीने से आंदोलन कर रहे इन रसोइयों में से दो  लोगों की मौत हुई है वह किन परिस्थितियों में कर लौटी थीं. हड़ताल करने वालों का कहना है कि तबीयत ज्यादा बिगड़ने की वजह से उन्हें घर भेजा गया था. सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है.

लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार हड़ताल पर बैठे रसोईयों के प्रतिनिधियों की संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय एवं सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग से चर्चा हुई थी. इस दौरान शासन द्वारा रसोईयों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके मानदेय में 25 प्रतिशत की वृद्धि, अर्थात 500 रूपए की वृद्धि किए जाने की कार्यवाही की जानकारी दी गई थी.हड़ताल समाप्त कर अपने-अपने निवास स्थान लौटने का आग्रह किया गया था. इसके बावजूद कुछ रसोईयों द्वारा धरना स्थल पर बने रहने का निर्णय लिया गया.

घर चली गई थी

जिन दो रसोईयों की मृत्यु की खबर है, उनमें से एक रसोईया बालोद जिले की निवासी थी, जो 20 एवं 21 जनवरी को धरना स्थल पर उपस्थित रही थी. लेकिन बाद में अपने निवास स्थान लौट गई थी. वहां उसकी तबीयत खराब होने पर उसे दल्ली राजहरा स्थित शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान आज उसकी मृत्यु हो गई. दूसरी महिला रसोईया बेमेतरा जिले के बेरला विकासखण्ड की निवासी थी, जो पहले से ही गंभीर बीमारी से पीड़ित थी. उन्हें भिलाई स्थित शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हुई. लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि दोनों ही मामलों में संबंधित रसोईयों की मृत्यु का धरना स्थल अथवा हड़ताल से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है. राज्य शासन सभी रसोईयों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण को लेकर सजग है. शासन द्वारा रसोईयों के हित में आवश्यक निर्णय एवं कार्यवाही लगातार की जा रही है.

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