Chhattisgarh Hindi News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में जिस घर से कल तक शहनाइयों की गूंज सुनाई दे रही थी और जहां मेहमानों का तांता लगा था, आज वहां एंबुलेंस के सायरन का शोर है. गरियाबंद जिले के दो अलग-अलग गांवों, मोहलाई और बोइरगांव में एक शादी समारोह का जश्न उस वक्त सन्ना छा गया, जब शादी का चौथिया भोज करने के बाद दर्जनों ग्रामीणों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. देखते ही देखते हालात इतने बेकाबू हो गए कि उपस्वास्थ्य केंद्र कोसमी में मरीजों के लिए बेड कम पड़ गए.
कुटेना और धवलपुर से लौटी थी बीमारी
यह दिल दहला देने वाली घटना गरियाबंद की दो अलग-अलग पंचायतों से जुड़ी है. आमदी पंचायत के मोहलाई गांव के लोग कुटेना गए थे. वहीं, दर्रीपारा के बोइरगांव के ग्रामीण धवलपुर में आयोजित भोज में शामिल हुए थे. ग्रामीणों का कहना है कि भोजन करने के बाद जब वे घर लौटे तो सब सामान्य था, लेकिन आधी रात के बाद अचानक बच्चों और बुजुर्गों को उल्टियां शुरू हो गई. देखते ही देखते पूरा गांव पेट दर्द और दस्त की चपेट में आ गया.
अस्पताल में मची चीख-पुकार, सरपंचों ने खुद संभाला मोर्चा
जैसे ही खबर फैली कि मोहलाई के 22 और बोइरगांव के 27 लोग गंभीर रूप से बीमार हैं, प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।. आनन-फानन स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में तैनात की गई. इस संकट की घड़ी में आमदी सरपंच आत्माराम नेताम और दर्रीपारा सरपंच राजकुमार सोरी ने राजनीति से ऊपर उठकर मानवता की मिसाल पेश की है. दोनों सरपंच खुद अस्पताल में मौजूद रहकर एक-एक मरीज की ड्रिप और दवाओं का ख्याल रख रहे हैं.
बढ़ रहा है मरीजों का आंकड़ा
कोसमी स्वास्थ्य केंद्र में अभी भी मरीजों के आने का सिलसिला थमा नहीं है. स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है और आसपास के गांवों में भी स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया है. फिलहाल राहत की बात यह है कि सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार मिल रहा है, लेकिन गंभीर रूप से प्रभावित ग्रामीणों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है.
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