छत्तीसगढ़ में इन दिनों राज्य सरकार द्वारा 'सुशासन तिहार' मनाया जा रहा है. हालांकि, इन शिविरों के मंचों पर इस समय अधिकारी और स्थानीय नेता सीधे जनता के निशाने पर हैं. तिहार के दौरान एक तरफ जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का अधिकारियों के खिलाफ बेहद सख्त रवैया देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस पूरे अभियान को लेकर प्रदेश में सियासत भी गरमा गई है.
सीएम साय की 'सरप्राइज विजिट', मौके पर ही निराकरण का दावा
छत्तीसगढ़ में आगामी 20 जून तक सरकार 'सुशासन तिहार' मना रही है. इसके तहत मुख्यमंत्री अचानक किसी भी गांव या टोले में आयोजित शासकीय शिविरों में पहुंच रहे हैं. सरकार का दावा है कि इन शिविरों के जरिए जनता की समस्याओं का तत्काल और मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है.
इस अभियान को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि "पूरे प्रदेश में 'सुशासन तिहार' के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है. इनमें सभी विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं, ताकि हमारे अधिकारी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचा सकें. इसके साथ ही शिविरों में प्राप्त होने वाले आवेदनों का त्वरित निराकरण भी किया जा रहा है."
लापरवाही पर भड़के सीएम: मंच से ही अधिकारी को किया सस्पेंड
एक तरफ 'सुशासन तिहार' जहां आम जनता के लिए अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचाने का बड़ा जरिया बन रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह लापरवाह अधिकारियों और स्थानीय नेताओं के लिए मुसीबत का सबब भी बनता जा रहा है.
बीते 21 मई को मुख्यमंत्री साय सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों के दौरे पर पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) और सूरजपुर जिलों में पेयजल की किल्लत और स्कूली परीक्षा परिणामों की लचर स्थिति को लेकर जिला कलेक्टरों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की.
यही नहीं, कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने मंच से ही सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं, आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दे दिए.
मंच पर ही अपनों ने घेरा, रायपुर सांसद की तस्वीर भी चर्चा में
इस तिहार के दौरान न सिर्फ जनता, बल्कि पार्टी के भीतर का असंतोष भी मंचों पर दिखाई दे रहा है. कोरिया में ही एक भाजपा नेता ने स्थानीय सोनहत बीजेपी विधायक के क्षेत्र में सक्रिय होने को लेकर सुशासन तिहार के मंच पर ही शिकायत दर्ज करा दी. इसके अलावा, रायपुर सांसद की एक तस्वीर भी सुशासन तिहार के मंच से सामने आई है जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है.
सुशासन तिहार पर आर-पार: कांग्रेस ने घेरा, डिप्टी सीएम ने किया पलटवार
सुशासन तिहार के मंचों से आ रही इन तस्वीरों और कार्रवाई को लेकर अब छत्तीसगढ़ में जमकर राजनीति हो रही है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर सीधे मुख्यमंत्री को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, तो वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष इस पूरे अभियान को ही निष्प्रभावी बता रहे हैं.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि "सुशासन तिहार में जनता की समस्याओं को हल करने का कोई वास्तविक काम नहीं किया जा रहा है. जब सरकार के पास जनता के लिए कोई ठोस योजना ही नहीं है, तो अधिकारी उसे जनता तक कैसे पहुंचाएंगे? सरकार अपनी नाकामियों की खीज अधिकारियों पर निकाल रही है."
दूसरी तरफ, विपक्ष के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि "सुशासन तिहार के माध्यम से छत्तीसगढ़ की जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है. खुद मुख्यमंत्री जी इस भीषण गर्मी में लगातार दौरा कर रहे हैं. इसका सीधा और वास्तविक लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है."
'सुशासन तिहार' के दौरान जनता की शिकायतों का कुल कितना निपटारा हुआ, इसके आधिकारिक आंकड़े तो अभियान के खत्म होने के बाद ही सामने आएंगे. लेकिन फिलहाल इस अभियान ने जमीनी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की नींद जरूर उड़ा दी है.
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