Kanker Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कांकेर (Kanker) जिले के ग्राम बारकोट के आदिवासी किसानों को एग्री स्टैक (Agri Stack) की तकनीकी गड़बड़ी की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है. दरअसल, धान बेचने के अधिकार से वंचित हुए किसान 150 किलोमीटर का सफर तय कर जिला मुख्यालय कांकेर पहुंचे और कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई.
पोर्टल पर ग्राम का नाम Berkot से बदलकर Warkot कर दिया गया
पीड़ित किसानों ने बताया कि उपार्जन केंद्र संगम के अंतर्गत आने वाले उनके राजस्व ग्राम का नाम एग्री स्टैक पोर्टल पर पहले Berkot दर्ज था. इसी आधार पर ग्राम के 16 आदिवासी किसानों का पंजीयन किया गया, जिसे पटवारी और तहसील स्तर से सत्यापित भी कर दिया गया.
हालांकि बाद में पोर्टल में ग्राम का नाम Berkot से बदलकर Warkot कर दिया गया, जिससे किसानों के प्रोफाइल में “एग्री स्टैक पंजीयन से फार्मर आईडी अपात्र” दिखने लगा.
पोर्टल पर अपात्र हो गए किसान
इस तकनीकी बदलाव का सीधा खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. वहीं धान विक्रय का टोकन जारी नहीं हो पा रहा, जिसके चलते किसान उपार्जन की समय-सीमा में फसल बेचने से वंचित हो रहे हैं. किसानों का सवाल है कि पोर्टल की गलती की सजा किसान क्यों भुगते? किसानों का कहना है कलेक्टर ने उन्हें शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया है.