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This Article is From Jan 06, 2026

भिंड में रिश्वतखोरी! 20000 रुपये की रिश्वत ले रहा था स्टेनो अवधेश यादव, लोकायुक्त ने फिल्मी अंदाज में दबोचा

Rishwatkhori in Madhya Pradesh: ठेकेदार नासिर खान ने नगर पालिका के विभिन्न आयोजनों में टेंट, कुर्सी, लाइट सहित अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई थीं, जिनका कुल भुगतान लगभग 4 लाख 50 हजार रुपये था. लेकिन स्टेनो अवधेश यादव ने बिल पास कराने और भुगतान दिलाने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की.

भिंड में रिश्वतखोरी! 20000 रुपये की रिश्वत ले रहा था स्टेनो अवधेश यादव, लोकायुक्त ने फिल्मी अंदाज में दबोचा

Rishwatkhori in Bhind:  भिंड के गोहद नगर पालिका में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है. ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने नगर पालिका गोहद में पदस्थ स्टेनो अवधेश यादव को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई नगर पालिका में लंबे समय से अटके भुगतान और रिश्वत मांग की शिकायत के बाद की गई.

लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार फरियादी नासिर खान, जो बबलू टेंट हाउस के नाम से इटायली क्षेत्र के पास टेंट व्यवसाय करते हैं. बीते करीब दो वर्षों से नगर पालिका गोहद में ठेकेदारी का कार्य कर रहे हैं. नासिर खान द्वारा नगर पालिका के विभिन्न आयोजनों में टेंट, कुर्सी, लाइट सहित अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई थीं, जिनका कुल भुगतान लगभग 4 लाख 50 हजार रुपये बनता था.

बिल पास कराने बदले मांगी 50 हजार रुपये की रिश्वत

आरोप है कि इस राशि में से 97 हजार रुपये का बिल नगर पालिका द्वारा लंबे समय से जानबूझकर रोका गया था. फरियादी का कहना है कि जब वह बार-बार भुगतान के लिए नगर पालिका के चक्कर काट रहा था, तब स्टेनो अवधेश यादव ने बिल पास कराने और भुगतान दिलाने के बदले 40 से 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की. काफी बातचीत के बाद 30 हजार रुपये में सौदा तय हुआ.

कलेक्टर और एसडीएम को दिए  लिखित शिकायत, नहीं हुआ समाधान

फरियादी ने यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में नगर पालिका का आरोपी सीएमओ सुरेंद्र शर्मा भी शामिल था, जो पुलिस के रिकॉर्ड में दो साल से फरार है. जिसने भुगतान रुकवाने और रिश्वत के लिए दबाव बनाने में भूमिका निभाई.
लगातार भुगतान न होने और परेशान होकर नासिर खान ने पहले कलेक्टर और एसडीएम को लिखित शिकायत दी. इसके बावजूद जब कोई समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई. अंततः 20 दिसंबर 2025 को उन्होंने ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई.

टेप रिकॉर्डर के माध्यम से हुई रिश्वत मांगने की पुष्टि

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लोकायुक्त टीम ने सत्यापन की कार्रवाई शुरू की.जांच के दौरान टेप रिकॉर्डर के माध्यम से फरियादी और आरोपी के बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड कराई गई, जिसमें रिश्वत मांगने की स्पष्ट पुष्टि हुई. इसके बाद लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई.

योजना के तहत 1 जनवरी को फरियादी द्वारा आरोपी को 10 हजार रुपये देने की कोशिश की गई, लेकिन आरोपी ने वादे के मुताबिक कम दिए. जिसको आरोपी ने लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद 4 जनवरी को पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये लेने पर सहमति बनी.

स्टेनो अवधेश यादव को रंगे हाथों पकड़ा

लोकायुक्त टीम ने तय रकम पर केमिकल लगाया और फरियादी को नगर पालिका परिसर भेजा. जैसे ही स्टेनो अवधेश यादव ने नगर पालिका कार्यालय परिसर में 20 हजार रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया. केमिकल टेस्ट में आरोपी के हाथ रंगे पाए गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई.

गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त टीम आरोपी को गोहद थाना लेकर पहुंची, जहां उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. इस कार्रवाई के बाद नगर पालिका में हड़कंप मच गया है. मामले में अन्य कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है. लोकायुक्त की इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, वहीं नगर पालिका के कामकाज पर भी अब सवाल खड़े होने लगे हैं.

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