
Chhattisgarh Paddy Purchase: छत्तीसगढ़ में जब विधानसभा चुनाव हो रहे थे तब धान की खरीद (Paddy Purchase) तकरीबन हर पार्टी का प्रमुख मुद्दा था...अब भाजपा की सरकार (BJP government) है तो उसका दावा है कि सूबे में धान की रिकॉर्ड खरीद (record purchase of paddy)हो रही है लेकिन खरीद केन्द्रों के बाहर के हालात किसानों की परेशानी को बयान कर देते हैं. प्रदेश में 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धान की खरीद की जानी है. इस लिहाज से अब सिर्फ दो दिन ही बचे हैं. हालत ये है कि हजारों किसानों का धान अभी तक बिक नहीं पाया है.इसकी एक वजह बेमौसम बारिश भई है. आप खरीद केन्द्रों के बाहर घूम आइए...इस कड़ाके की ठंड में भी किसान आपको बाहर में रतजगा करते मिल जाएंगे. अलाव जलाकर वक्त काटते मिल जाएंगे. किसानों की मांग (farmers' demand) है कि धान खरीद की तारीख बढ़ा दी जाए. इसके अलावा चुनाव के पहले जो 31 सौ रुपये रेट देने का वादा किया गया था उस पर भी शासन-प्रशासन मौन है. अब भी धान की खरीद पुराने रेट पर ही हो रही है.

धान खरीद केन्द्रों के बाहर किसानों को इस हाल में करना पड़ रहा है अपनी बारी का इंतजार
NDTV की टीम ने कई जिलों के खरीद केन्द्रों का जायजा लिया. बेमतेरा के कंतोली में सुजीत नाम के किसान हमें अलाव जलाकर बैठे मिले. उन्होंने बताया- ठंड में तो रूकना पड़ेगा, क्या करें? कल शाम को आए थे अब आज फिर शाम को आएं हैं. हमें तो धान बेचना है चाहे रातभर जागना ही क्यों न पड़े? रायपुर में भी किसान भागवत प्रसाद यादव का कहना है कि मौसम खराब था इसलिए बहुत से किसान अपनी धान नहीं बेच पाए. हालांकि अभी तक हमसे 31 सौ रुपये में धान की खरीद नहीं हो रही है. कुरुद में किसान दिनेश दुबे का कहना है कि कम से कम 15 फरवरी तक धान खरीद की तारीख बढ़ाई जानी चाहिए. इसी खरीद केन्द्र में मौजूद कलीराम यादव का कहना है कि सरकान ने चुनाव में जिस रेट में धान खरीदी का वादा किया था वो नहीं मिल रहा है. अब भी पुराने रेट पर ही खरीदारी हो रही है. उनके साथ ही खड़े विश्नु मारकंडे नाम के किसान का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले घोषणा किया गया था कि एकमुश्त 3100 रुपये दिया जाएगा, लेकिन अभी पुराना रेट ही दिया जा रहा है.

हालांकि सरकारी अधिकारी इस मसले पर आश्वासन जरूर दे रहे हैं. रायपुर के हसौद में मौजूद धान खरीदी केन्द्र के प्रबंधक शिव कुमार पटेल का कहना है कि अभी किसानों को 31 सौ रुपये नहीं दिया जा रहा है लेकिन शासन के द्वारा आदेश मिलने पर किसानों को रकम दे दिया जाएगा.

किसानों को रात भर खरीद केन्द्रों के बाहर करना पड़ रहा है इंतजार
कुछ दिनों पहले खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कहा था कि 3100 में धान खरीदी की व्यवस्था बन रही है. इस बार राज्य में रिकॉर्ड धान की खरीद की जाएगी. सरकार का आश्वासन तो अपनी जगह ठीक है लेकिन क्या सरकार ये जवाब देगी कि किसानों को कब 3100 रुपये का रेट मिलेगा और क्या धान खरीद की मियाद बढ़ाई जाएगी?
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