विज्ञापन
This Article is From Jul 20, 2023

छत्तीसगढ़ के कांकेर में दर्जनों गांव बन गए टापू, इकलौता बांस का पुल बह गया

छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी है. जिससे कई नदी-नाले ऊफान पर हैं. कांकेर जिले में भी यही बारिश मुसीबत का सबब बन कर सामने आई है. यहां एक बड़े नाले पर बांस का बना पुल बह गया है. जिससे 12 से अधिक गांव टापू बन गए हैं.

छत्तीसगढ़ के कांकेर में दर्जनों गांव बन गए टापू, इकलौता बांस का पुल बह गया

देश के अलग-अलग इलाकों में बारिश का दौर जारी है...जिसकी वजह से पुल वैगरह के टूटने की तस्वीरें आप खूब देखते होंगे लेकिन छत्तीसगढ़ के कांकेर के नक्सल प्रभावित कोयलीबेड़ा में बुधवार को जो पुल बहा है उसका मामला कुछ अलग है. उसने 12 से ज्यादा गावों को टापू में तब्दील कर दिया है. अहम ये भी है कि बांस और बल्लियों के सहारे बना ये पुल तीन दशकों सालों से खड़ा था और हमारे सिस्टम और नेताओं की पोल खोल रहा था. ग्रामीण हर साल पत्थर लगाकर और नई बल्लियां या बांस लगाकर इस पुल की मरम्मत कर देते थे. 

md5sc0o

पुल बहने के बाद 12 से अधिक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है. नाले में पानी बढ़ने से ये गांव अब टापू बन गए हैं.

दरअसल ये मामला है कांकेर के कोयलीबेड़ा इलाके का. यहां के पंखाजूर नामक जगह पर ग्रामीणों ने श्रमदान करके 25-30 साल पहले बांस और बल्लियों के सहारे अंजाड़ी नाले पर एक पुल बनाया था. इसके बाद से हर साल गांव वाले खुद ही श्रमदान करके इस पुल की मरम्मत करते रहे हैं. इसी पुल के सहारे आसपास के 12 से अधिक गांव के लोग आते-जाते थे. बच्चों के स्कूल जाने से लेकर बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने तक का काम इसी पुल से होता था. लेकिन इस बार नाले में पानी काफी बढ़ गया और पुल इस दबाव को नहीं झेल पाया. 

राज्य का गठन हुए 20 वर्ष से अधिक हो चुके हैं. इसमें 15 वर्ष भाजपा ने शासन किया और कांग्रेस सरकार के साढ़े चार वर्ष हो चुके हैं. लेकिन अब तक उनकी किसी ने सुध नहीं ली. हम हर साल इसी तरह लकड़ी के पुल के सहारे जान जोखिम में डालकर आना जाना करते हैं. पखांजूर तहसील के काफी दूर होने के कारण ये पुल हमारा सहारा था. राशन लाने सहित, बच्चों के स्कूल आने जाने, बीमार व्यक्ति को लेकर जाने तक में लकड़ी का पुल एक जरिया था. लेकिन अब यह पुल भी बह गया है. अब उन्हें 40 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर जाना पड़ेगा.

राजेश नरेटी

अंजाड़ी गांव का युवक

पुल के बह जाने से ग्रामीण बेहद चिंतित हैं क्योंकि ब्लॉक मुख्यालय से दर्जन भर से अधिक गांव पूरी तरह से कट गए हैं. इस इलाके में अंजाड़ी, माचपल्ली, पीव्ही62, पीव्ही 94 जैसे बहुत से गांव है. अब राशन लाने से लेकर हर जरूरी काम बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है. परेशानी ये है कि न तो प्रशासन और न ही नेताओं ने इन ग्रामीणों की सुध ली है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Chattisgargh News, Kanker District, Kanker News, छत्तीसगढ़, कांकेर में पुल बहा
Close
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com