Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ बलरामपुर जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पीपरोल में स्थित नालंदा एग्रो राइस मिल के संचालन में अनियमितता पाई गई है. जिसके बाद जिला प्रशासन ने छापेमारी की कार्रवाई करते हुए पिपरोल गांव में स्थित नालंदा एग्रो राइस मिल को सील कर दिया है.
दरअसल बलरामपुर कलेक्टर रिमिजियुश एक्का के निर्देशन में रामानुजगंज राजस्व तहसीलदार विष्णु गुप्ता और हल्का पटवारी पीपरोल ग्राम में स्थित नालंदा एग्रो राइस मिल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे. खरीफ विपणन वर्ष 2023 - 24 में खरीदा गया धान, खरीदी केंद्र से उठाकर नालंदा एग्रो राइस मिल में भेजा गया था. धान का मिलान करने में यहां गड़बड़ी पाई गई. जिसके बाद राइस मिल को सील कर दिया गया है.
5827 बोरी धान कम पाया गया है...
बताया जा रहा है कि जांच में राइस मिल से 5827 बोरी धान कम पाया गया है, जो प्रथम दृष्टया मिल संचालक में अनियमितता को दिखाता है, जिसके तहत रामचंद्रपुर राजस्व टीम के द्वारा नालंदा एग्रो राइस मिल के ऊपर कार्रवाई करते हुए सील कर दिया गया है. इसके साथ ही अग्रिम आदेश तक मिल में किसी भी प्रकार का कार्य संपादन भी प्रतिबंधित कर दिया गया है.
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गायब धान की कीमत बताई जाा रही है लाखों में
जानकारी के मुताबिक पीपरोल गांव में स्थित नालंदा एग्रो राइस मिल के मालिक संतोष कुमार गुप्ता बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं. जो बलरामपुर के पिपरोल गांव में जमीन लीज पर लेकर पिछले 5 साल से नालंदा एग्रो राइस मिल के नाम से मिल का संचालन कर रहे हैं. बहरहाल सोचने वाली बात यह है कि राइस मिलों में भेजे गए धान पर इस तरह की हेरा फेरी का खेल अगर चलता रहेगा तो इससे सरकार को कितना नुकसान उठाना पड़ेगा. हालांकि नालंदा एग्रो राइस मिल से जो धान गायब है उसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है.
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