Chhattisgarh News: बलौदा बाजार जिले के भाटापारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बकुलाही स्थित मेसर्स रियल इस्पात एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया गया है. यह नोटिस नियमों के उल्लंघन मामले में किया गया है. नोटिस के मुताबिक, कंपनी को एक सप्ताह में जवाब देना होगा. बता दें कि कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच रिपोर्ट के प्रतवेदन के आधार पर कारखाना प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है.
सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, गंभीर दुर्घटना की जांच के बाद कारखाना प्रबंधन द्वारा कारखाना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 में निहित प्रावधानों के अनुपालन के संबंध में उल्लंघन पाया गया है.
इसके अलावा कारखाना प्रबंधन द्वारा किल्न क्रमांक-01 का शट डाउन किए बिना संचालन जारी रखते हुए श्रमिकों एवं कारखाने के कर्मचारियों से खतरनाक स्थिति में कार्य करवाकर उनके जीवन को जोखिम में डाला गया और कार्यस्थल में व्यापक सुरक्षा व सुरक्षित कार्यप्रणालियों का उपयोग नहीं किया गया. कारखाना प्रबंधन द्वारा किल्न क्रमांक 01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के भीतर जमे हुए गर्म ऐश को वेटस्क्रैपर में गिराये जाने के कार्य के दौरान उचित रुप से कार्य अनुमति जारी नहीं किया गया.
साथ ही नवनियुक्त श्रमिकों को बिना कार्य अनुमति के डस्ट सेटलिंग चेंबर जैसे खतरनाक कार्यस्थल में नियोजित किया किया गया, जो कारखाना प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है. कारखाना प्रबंधन द्वारा जिला व्यापार व उद्योग केंद्र से वाणिज्यिक उत्पादन के संबंध में अनुमति नहीं लिया गया जो, कि उद्योग नीति के विरुद्ध है. कारखाना प्रबंधन द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत श्रमिकों को वेतन और अन्य सुविधाओं के संबंध में पंजी उपलब्ध नहीं कराया गया.
इतना ही नहीं संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अंतर्गत 20 या 20 से अधिक श्रमिक होने पर उनके द्वारा ठेका श्रमिक 1973 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति लिया जाता है, जबकि उनके द्वारा कारखाना में 02 ठेकेदार होने के बाद भी 100 श्रमिक से कार्य लिए जाने पर अनुज्ञप्ति नहीं लिया गया है.
अंतराज्यीय प्रवासी श्रमिक 1979 के तहत बिना अनुज्ञप्ति लिए अंतराज्यीय श्रमिक से कार्य लिया जा रहा है जो कि उक्त नियमों का उल्लंघन है.
मृतकों और घायलों को मुआवजा राशि का भुगतान
कारखाना प्रबंधन ने हादसे में मृत 6 श्रमिकों के परिजनों को 20 -20 लाख रुपये और 5 घायल श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए मुआवजा राशि का भुगतान किया है. फिलहाल घायल श्रमिकों का उपचार बिलासपुर में किया जा रहा है.
बता दें कि 22 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 9.40 बजे उक्त फैक्ट्री के किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल में कार्य के दौरान अचानक विस्फोट और गर्म ऐश की बौछार होने से 6 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे. प्रारंभिक जांच में कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के अंतर्गत किल्न क्रमांक-01 के संचालन और समस्त मेंटेनेंस कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है.
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