Madhya Pradesh Hindi News: एक ओर मां अपनी बेटी को घर वापस लाने के लिए दर-दर भटक रही है, वहीं दूसरी ओर वही बेटी अपने परिवार पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगा रही है. दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप से मामला पेचीदा हो गया है. छतरपुर जिले के खजुराहो की रहने वाली अलका रानी ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन दिया. कहना है कि उनकी बेटी पिछले चार महीनों से घर नहीं लौट रही है और अधिवक्ता इम्तियाज अहमद सिद्दीकी के संपर्क में रहते हुए संदिग्ध हालत में है.
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिवक्ता ने उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रभावित किया है. यहां तक कि दवाइयां देकर ब्रेनवॉश तक किया है. चार महीनों से बेटी सामान्य संपर्क में नहीं है और दीपावली के पहले पासपोर्ट लेने घर आई तो भी वह डरी-सहमी दिखी. मां का कहना है कि बेटी उन्हें पहचान तक नहीं पा रही और सौतेली मां कहकर संबोधित कर रही है.
इससे आशंका है कि वह मानसिक दबाव में है. महिला ने बेटी की सुरक्षा को लेकर तत्काल जांच एवं मेडिकल/मानसिक परीक्षण की मांग की है. साथ ही कहा कि बेटी को किसी भी प्रकार नुकसान के लिए संबंधित अधिवक्ता को ज़िम्मेदार ठहराया है.

बेटी ने परिवार पर लगाए प्रताड़ना के आरोप
दिवंगत रामाश्रय प्रसाद की बेटी एवं अधिवक्ता करुणा प्रसाद ने उलटे अपनी मां अलका रानी और सौतेले पिता देवानंद पोनरामचेट्टी और बहन कृति प्रसाद पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं. करुणा का कहना है कि पिता की मृत्यु के बाद परिवार का व्यवहार उसके प्रति बदल गया. सौतेली मानसिकता रखते हुए उस पर जबरन शादी और बैंक दस्तावेजों/एफडी पर गलत तरीके से हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया गया.
विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, जिसकी शिकायत वह पहले ही खजुराहो थाने में कर चुकी है. युवती के अनुसार एक दिन घर से मारपीट कर निकाल दिया गया और उसका सामान बाहर फेंक दिया गया. इसके बाद वह छतरपुर में किराए के मकान में अकेले रहकर वकालत कर रही है.
करुणा का कहना है कि वह अपने पिता की छोड़ी गई एफडी व दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर कराने की कोशिश का विरोध कर रही है और इसी वजह से उसकी बदनामी की जा रही है. वह वकालत के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाना चाहती है, परंतु परिवार उसे मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है.
बेटी के समर्थन में वकील
वरिष्ठ अधिवक्ता इम्तियाज सिद्दीकी, शकुंतला अहिरवार और रामबहादुर प्रजापति ने करुणा का समर्थन करते हुए कहा कि युवती परिवार से लगातार प्रताड़ित होती रही है और घर से निकाले जाने के बाद भी वह हिम्मत से वकालत कर रही है. वे उसे अपनी छोटी बहन की तरह मार्गदर्शन दे रहे हैं.