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ग्वालियर में हुआ ट्रांसफॉर्मर ब्लास्ट, नीचे खड़े लाइनमैन के सिर की हड्डी के हुए 15 टुकड़े; हालत गंभीर

ग्वालियर में बिरला नगर श्याम मंदिर के सामने सब स्टेशन पर मंगलवार दोपहर 3 बजे नया पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर PT लगाकर सप्लाई शुरू करते ही धमाके के साथ बर्स्ट हो गया. बुशिंग पार्ट 61 वर्षीय सहायक लाइनमैन हरिओम शर्मा के सिर पर गिरा.

ग्वालियर में हुआ ट्रांसफॉर्मर ब्लास्ट, नीचे खड़े लाइनमैन के सिर की हड्डी के हुए 15 टुकड़े; हालत गंभीर

ग्वालियर बिजली कंपनी अफसरों की हठधर्मिता और लापरवाही के कारण  61 वर्षीय सहायक लाइनमैन बीते 4 दिनों से जिंदगी-मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहा है. बीते मंगलवार को बिरला नगर स्थित श्याम मंदिर के सामने मौजूद सब स्टेशन में काम के दौरान पोटेंशियल ट्रांसफार्मर (पीटी) बर्स्ट होने से उसकी बुशिंग सहायक लाइनमैन हरिओम शर्मा के सिर पर गिर गई. इससे उनके सिर की हड्डी टूट गई, अब उनका इलाज सेवा नगर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा है.

उनकी हालत गंभीर बनी हुई. उन्हें देखने के लिए ऊर्जामंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर खुद पहुंचे. उन्होंने इलाज का भरोसा भी दिया, लेकिन परिजनों का कहना है कि वे इलाज के लिए एक-एक पैसे के लिए परेशान हैं. उसके साथ ही नए ट्रांसफॉर्मर्स की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में आ गई है, जो लगते ही फट गया.

बशिंग पार्ट जा गिरा

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दोपहर लगभग 3 बजे श्याम मंदिर के सामने सब स्टेशन पर सप्लाई शुरू करने का काम किया जा रहा था. यहां नया ट्रांसफॉर्मर लगाया गया था. सप्लाई शुरू हुई तभी अचानक से पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर धमाके के साथ बर्स्ट हो गया और उसके पास ही नीचे खड़े हरिओम शर्मा के सिर पर बुशिंग पार्ट जा गिरा. बुशिंग के जरिए हाई वोल्टेज को लो-वोल्टेज में बदला जाता है.

नियमों के अनुसार, कार्यस्थल पर खड़े सभी कर्मचारियों में से किसी ने भी हार्ड हैट्स (सुरक्षात्मक हैलमेट) नहीं पहना हुआ था. इस कारण हरिओम शर्मा के सिर पर बुशिंग पार्ट का कड़ा प्रहार हुआ और सिर की हड्डी न केवल टूट गई, बल्कि चकनाचूर हो गई. हड्डी के पंद्रह टुकड़े हो गए.

11 महीने हैं रिटायरमेंट में

घायल हरिओम शर्मा के बेटे शुभम शर्मा का कहना है कि रिटायरमेंट में सिर्फ 11 महीने बचने के बाद भी उन्हें लाइन पर काम के लिए बुलाया गया. इसके लिए कंपनी के अधिकारी जिम्मेदार हैं. वहीं, बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि हरिओम शर्मा से काम नहीं कराया जा रहा था, वे खड़े हुए थे तब ये हादसा हुआ. इसके अलावा ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार शाम को अस्पताल पहुंचकर हरिओम शर्मा की स्थिति देखी और परिजनों को इलाज में हर संभव मदद देने का भरोसा दिया, लेकिन शुभम का कहना है कि कंपनी के लोगों ने मिलकर कुछ धनराशि की सहायता के रूप में उन्हें दी थी जो अब खत्म हो गई. अब उनके पास एक भी पैसा नहीं है. 

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उन्होंने कर्मचारी को अस्पताल जाकर देखा है और उनका अच्छे से इलाज कराया जाएगा. ट्रांसफॉर्मर की गुणवत्ता और सुरक्षा उपकरण क्यों नहीं थे, इन सवालों की गंभीरता से जांच की जाएगी.

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