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 छतरपुर में बाघ का आतंक: किसान पर हमला कर काटा कान, ग्रामीणों की आवाज सुनकर जंगल में भागा

Tiger Attack in Madhya Pradesh: किसान के अनुसार बाघ करीब 6 से 7 फीट लंबा और लगभग ढाई फीट ऊंचा था. बाघ ने अचानक हमला कर उसे जमीन पर गिरा दिया और उसके हाथ, गर्दन, चेहरे और पीठ पर कई वार किए. इस दौरान बाघ ने उसका कान भी काट लिया.

 छतरपुर में बाघ का आतंक: किसान पर हमला कर काटा कान, ग्रामीणों की आवाज सुनकर जंगल में भागा

Tiger Attack in Chhatarpur: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर (Chhatarpur) जिले में एक किसान (farmer) पर बाघ (Tiger) के हमले की घटना सामने आई है. दरअसल, सटई थाना क्षेत्र के ग्राम कसार के पास स्थित मुड़िया पहाड़ के जंगल में सोमवार को लकड़ी काटने गए एक किसान पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया.

हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया. बाघ के हमले से उसका एक कान कट गया और शरीर पर कई गहरे घाव हो गए. ग्रामीणों की मदद से घायल किसान को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है.

पीछे से हमला कर जमीन पर गिराया

घायल किसान की पहचान ग्राम कसार निवासी 60 वर्षीय शंकर रैकवार के रूप में हुई है. जानकारी के मुताबिक शंकर गांव से कुछ दूरी पर स्थित मुड़िया पहाड़ के जंगल में लकड़ी काटने गया था. इसी दौरान झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक पीछे से उस पर हमला कर दिया. किसान के अनुसार बाघ करीब 6 से 7 फीट लंबा और लगभग ढाई फीट ऊंचा था. बाघ ने अचानक हमला कर उसे जमीन पर गिरा दिया और उसके हाथ, गर्दन, चेहरे और पीठ पर कई वार किए. इस दौरान बाघ ने उसका कान भी काट लिया.

 ग्रामीणों की आवाज सुनकर भागा बाघ

हमले के दौरान शंकर की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. लोगों की आवाज और हलचल सुनकर बाघ जंगल की ओर भाग गया. इसके बाद ग्रामीणों ने घायल किसान को जंगल से बाहर निकाला और तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले गए.

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर

ग्रामीणों और परिजनों की मदद से शंकर रैकवार को पहले नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल छतरपुर रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है.

 इलाके में दहशत का माहौल

घटना के समय गांव के ललित, बाबू रैकवार समेत चार अन्य ग्रामीण आसपास ही मौजूद थे. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके के जंगलों में बाघ की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही थी.

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इस घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगल क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और बाघ की मौजूदगी की जांच कराने की मांग की है. वन विभाग को भी घटना की जानकारी दे दी गई है और अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है.

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