मंडला जिले में 21 वर्षीय युवक अजीत बरया की कथित तौर पर ऑक्सीजन के अभाव में हुई दर्दनाक मौत का मामला चर्चा में आ गया है. 108 एम्बुलेंस में ऑक्सीजन न मिलने के कारण तड़प-तड़पकर हुई युवक की मौत का एक वीडियो सामने आया, जिसे सभी ने विचलित कर दिया. इस घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है, जिससे पूरे जिले में आक्रोश का माहौल है.
एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत
दरअसल, सुनेहरा माल निवासी 21 वर्षीय अजीत बरया के माता-पिता का आरोप है कि उनके बेटे को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में 108 एम्बुलेंस में अचानक ऑक्सीजन खत्म हो गई. ऑक्सीजन न मिलने के कारण युवक की हालत बिगड़ती चली गई और उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. घटना से जुड़ा एक दिल दहला देने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें मरीज ऑक्सीजन के अभाव में तड़पता हुआ दिखाई दे रहा है. घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है तथा जिम्मेदारों पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग तेज हो गई है.
कलेक्टर ने गठित की जांच समिति, 2 दिन में मांगी रिपोर्ट
मामले में बड़े जनआक्रोश को देखते हुए मंडला कलेक्टर राहुल धोटे ने तत्काल संज्ञान लिया और निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन कर दिया है. कलेक्टर का कहना है कि एक से दो दिनों के भीतर जांच पूरी कर ली जाएगी. जांच में किसी भी स्तर पर स्वास्थ्य अमले या एम्बुलेंस कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके ने किया स्वास्थ्य विभाग का बचाव
मामले में सियासी विवाद शुरू होने के बाद मध्य प्रदेश कैबिनेट मंत्री और मंडला विधायक संपतिया उइके ने स्वास्थ्य प्रशासन का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र की डबल इंजन सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत कर रही है. जिले में कई नई स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू की गई हैं. मंत्री ने कहा कि अजीत बरया की मौत बेहद दुखद है, लेकिन इसके लिए जांच समिति गठित कर दी गई है जो जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी.
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