भिंड जिले के रौन कस्बे में एक छात्र की निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान मौत के मामले में पुलिस ने बीजेपी मंडल अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र सिंह कुशवाह समेत दो लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है. पुलिस ने शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर दोनों को आरोपी बनाया है. वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए क्लिनिक को सील कर दिया है.
मामला सामने आने के बाद से मंडल अध्यक्ष फरार है और रौन थाना पुलिस उसकी तलाश में जुटी है. एफआईआर के बाद आरोपी मंडल अध्यक्ष के फोटो बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होने लगे है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पूर्व मंत्री ओपीएस भदौरिया और लहार विधायक अम्बरीष शर्मा के साथ देखे जा सकते है.
मां के साथ क्लिनिक पहुंचा था विश्वास
दरअसल, विश्वास सिंह राजावत (20) रौन थाना क्षेत्र के मेहदवा गांव का रहने वाला था. परिजनों के मुताबिक, विश्वास पांच दिन पहले जयपुर में रेलवे की परीक्षा देकर वापस अपने गांव लौटा था. 21 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे वह पेट दर्द की शिकायत लेकर अपनी मां के साथ रौन कस्बे में पुराने पोस्ट ऑफिस के सामने संचालित विधि क्लिनिक पहुंचा था. यह क्लिनिक बीजेपी के मिहोना मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह कुशवाह द्वारा संचालित किया जा रहा था.
इंजेक्श लगाने और ड्रिप चढ़ाने के बाद खराब हुई तबीयत
बताया जा रहा है कि क्लिनिक पर छात्र को भर्ती कर पुष्पेंद्र सिंह ने उसे इंजेक्शन लगाया और ड्रिप चढ़ाई. कुछ घंटे बाद शाम के समय विश्वास की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. परिजनों ने जब डॉक्टर पुष्पेंद्र से छात्र की बिगड़ती हालत को लेकर शिकायत की तो आरोप है कि उन्होंने झल्लाते हुए कहा, "डॉक्टर तुम हो या मैं." इसके बाद जब छात्र की हालत ज्यादा गंभीर हो गई तो उसे भिंड जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया.
परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद छात्र को मृत घोषित कर दिया.
शॉर्ट पीएम के बाद दर्ज किया केस
छात्र की मौत के बाद परिजन शव लेकर रौन थाने पहुंचे. पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया और शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया. शॉर्ट पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने बीजेपी मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह कुशवाह और उसके सहयोगी कमल सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है. मामले में पुलिस ने आगे की जांच के लिए विसरा सैंपल भोपाल भेजा है.
इधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लिनिक की जांच की और उसे सील कर दिया. जांच में यह भी सामने आया है कि क्लिनिक संचालित करने वाले पुष्पेंद्र सिंह के पास मेडिकल डिग्री नहीं होने के बावजूद वह कथित तौर पर लंबे समय से एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज कर रहा था.
पुलिस के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद से बीजेपी मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह कुशवाह फरार है. रौन थाना पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है. पुलिस अब इलाज के दौरान लगाए गए इंजेक्शन, ड्रिप और छात्र की मौत के कारणों समेत पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.