मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में फर्जी आईएएस बनकर ठगी करने वाले दो भाई-बहनों को गिरफ्तार किया गया है. टूरिज्म विभाग का एडिशनल डायरेक्टर और मानव संसाधन विकास मंत्रालय का हेड बताकर लोगों से धोखाधड़ी की है. इन्होंने लगभग 9 लाख 80 हजार रुपये ठगे हैं.
झांसा देकर ऐसे करते ठगी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तृप्ति सिंह राजपूत और उसका भाई सुधांशु राजपूत के रूप में हुई है. यह दोनों अपने दो अन्य साथियों तनुज वैश्य अंजली सिंह के साथ 7 अप्रैल को चंदेरी घूमने आए थे, जो किला कोठी में ठहरे थे. उन्होंने वहां के लोगों को प्रभावित करने अपने झांसे में ले लिया.

इस कार का करते थे प्रयोग.
बहन खुद को बताती आईएएस अफसर
तृप्ति सिंह ने खुद को मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताया और कहा कि वह मानव संसाधन विकास मंत्रालय में उन लोगों की सरकारी नौकरी लगवा देगी. साथ ही अच्छा वेतन भी मिलेगा. उसने खुद का वहां का हेड भी बताया था. नौकरी के बदले हर प्रति व्यक्ति तीन लाख रुपये की मांग की गई.
फिर पीड़ित दोनों भाई-बहनों की बातों में आ गए और उन्होंने विश्वास में आकर किला कोठी में ही 9 लाख 80 हजार रुपये नगद दे दिए. इस दौरान उन्हें जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए. वहीं, बाकी दो लाख रुपये पीड़ितों ने बाद में देने की बात कही.
कई लोगों को ठगा
इन शातिर ठग भाई-बहनों का हौसला इतना कि पर्यटन विभाग के कर्मचारी, गाइड, शिक्षक व एक बेरोजगार युवक के साथ ठगी करने के बाद शनिवार को दोनों फर्जी नियुक्ति पत्र देने चंदेरी किला कोठी पहुंच गए. वहां पीड़ितों और इनके बीच काफी देर तक चर्चा हुई, जब बात नहीं बनी तो पीड़ितों ने पुलिस को सूचना दी गई.
इसके बाद एसपी राजीव मिश्रा ने तुरंत दोनों को गिरफ्तार करने के निर्देश थाना प्रभारी चंदेरी को दिए, जिसके बाद पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार किया है.
ये भी पढ़ें- त्योहार से पहले भोपाल में सीलिंग पर दो फाड़: व्यापारी सड़कों पर, रहवासी बुलडोजर की मांग पर अड़े