
Solar Power Plant in Khargone: मध्य प्रदेश के खरगोन (Khargone) जिले में 287 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले 60 मेगावॉट के सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar Power Plant) के निर्माण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. खास बात यह है कि इस पर आने वाली अनुमानित लागत (244 करोड़ रुपये) की रकम इंदौर नगर निगम (Indore Municipal Corporation) ने सार्वजनिक निर्गम (Public Issue) के रूप में फरवरी के दौरान जारी किए गए ग्रीन बॉन्ड (Green Bond) के जरिए जुटाई है. इस सोलर पॉवर प्लांट के बनने से इंदौर नगर निगम के मौजूदा विद्युत बिल में बड़ी कटौती होगी.
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि इंदौर से 80 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी के तट पर बसे जलूद गांव के पास बनने वाले सौर ऊर्जा संयंत्र के निर्माण और रखरखाव के लिए एक निजी कम्पनी को बोली प्रक्रिया के तहत 271.17 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की अलग-अलग योजनाओं के तहत इस सौर ऊर्जा संयंत्र को कुल 62 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद भी मिलेगी.
जल्द शुरू होगा सौर ऊर्जा संयंत्र का काम
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मीडिया को बताया, "सौर ऊर्जा संयंत्र के निर्माण के लिए एजेंसी तय हो गई है और इसका काम जल्द शुरू होगा." भार्गव ने बताया कि करीब 211 एकड़ पर प्रस्तावित संयंत्र को बनकर तैयार होने में कम से कम डेढ़ साल का समय लगेगा. बता दें कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की करीब 35 लाख की आबादी पानी की आवश्यकताओं के लिए काफी हद तक नर्मदा नदी पर निर्भर है.
अभी हर साल 300 करोड़ का आता है खर्च
अधिकारियों ने बताया कि नर्मदा जल को पड़ोसी जिले खरगोन के जलूद गांव से 80 किलोमीटर दूर इंदौर लाकर घर-घर पहुंचाने में इंदौर नगर निगम को हर साल करीब 300 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं. जिसमें मोटर पंप चलाने में इस्तेमाल बिजली का बिल सरकारी खजाने के लिए एक बड़ा बोझ है. अधिकारियों के मुताबिक सौर ऊर्जा संयंत्र के जरिए बनने वाली बिजली के इस्तेमाल से इंदौर नगर निगम के मौजूदा विद्युत बिल में बड़ी कटौती होगी.
ये भी पढ़ें - गोपाल भार्गव बने मध्य प्रदेश विधानसभा के 'प्रोटेम स्पीकर', मंत्री बनने के सवाल पर बोले "जो पार्टी..."
ये भी पढ़ें - मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का पहला सत्र 18 दिसंबर से, स्पीकर और नए विधायक लेंगे शपथ